नई दिल्ली: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को हिंदी-मराठी भाषा विवाद के बीच उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि ठाकरे बंधु केवल मराठी न बोलने पर “गरीबों” को पीटते हैं, लेकिन बड़े उद्योगपतियों, जैसे मुकेश अंबानी के पास जाने की हिम्मत नहीं दिखाते।
निशिकांत दुबे का आरोप
दुबे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आप लोग गरीबों को पीटते हो, लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं और वे बहुत कम मराठी बोलते हैं। अगर आपमें हिम्मत है तो उनके पास जाओ। माहिम में मुस्लिम आबादी ज्यादा है, अगर हिम्मत है तो वहां भी जाओ। एसबीआई के चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटने की कोशिश करो।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था पर उनके पहले के बयान का गलत मतलब निकाला गया था। दुबे ने कहा, “मैंने कहा था कि महाराष्ट्र का देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान है, और इसे गलत तरीके से समझा गया। मैं यह कह रहा हूं कि मुंबई या महाराष्ट्र के द्वारा दिए गए टैक्स में हमारा भी योगदान है, इसमें ठाकरे परिवार या मराठा समाज का कोई लेना-देना नहीं है।”
राज ठाकरे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
दुबे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसमें राज ने अपने कार्यकर्ताओं को “मार-पीट करने” का निर्देश दिया था, लेकिन वीडियो न बनाने की बात कही थी। राज ठाकरे ने यह टिप्पणी उन लोगों के लिए की थी जो मराठी नहीं बोलते थे।
इस पर निशिकांत दुबे ने कहा, “तुम लोग क्या कर रहे हो? किसकी रोटी खा रहे हो? तुम लोग हमारे पैसों पर पल रहे हो। तुम्हारे पास किस तरह के उद्योग हैं? हमारे पास झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सभी खदानें हैं। तुम्हारे पास क्या है? गुजरात में हैं सेमीकंडक्टर रिफाइनरी।”
हिंदी भाषियों पर निशाना
दुबे ने हिंदी भाषियों के प्रति ठाकरे परिवार की आक्रामकता पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर हिंदी बोलने वालों को पीटने की हिम्मत है, तो उर्दू, तमिल और तेलुगु बोलने वालों को भी पीटिए। अगर आप इतने ‘बॉस’ हैं तो महाराष्ट्र से बाहर निकलकर बिहार, उत्तर प्रदेश या तमिलनाडु आ जाइए।”
मुंबई में विवाद का कारण
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मुंबई में कुछ व्यापारियों पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मराठी न बोलने के कारण हमला किया। मनसे पार्टी ने शहर के व्यापारियों और दुकानदारों से मराठी बोलने की मांग की थी, जिससे दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस अब स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है।

