
नई दिल्ली: राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हो रही चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में “अपीजमेंट” की नीति अपनाई, जबकि उस समय भारत पर लगातार आतंकी हमले हो रहे थे।
जेपी नड्डा जेपी नड्डा ने कहा, “कांग्रेस पाकिस्तान को मिठाई पर मिठाई खिलाती रही, और वहां से हमें बम और गोलियां मिलती रहीं।” उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पहलगाम हमले पर हमसे सवाल कर रही है, लेकिन उन्हें पहले यह सोचना चाहिए कि उनके कार्यकाल में क्या किया गया था।
In Rajya Sabha, Union Minister JP Nadda says, “…We need to understand the limits of their (then Congress govt) appeasement that after 2008 Jaipur bomb blasts by Indian Mujahideen, India and Pakistan agreed on a specific confidence-building measures…Woh hume goliyoon se bhunte… https://t.co/lnpzfXswPi pic.twitter.com/CWI21KE9us
— ANI (@ANI) July 30, 2025
जेपी नड्डा ने राज्यसभा में 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस शासन में हुए प्रमुख आतंकी हमलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इन घटनाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 28 जुलाई 2005 श्रमजीवी एक्सप्रेस पर बम विस्फोट (हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी) में 14 लोग मारे गए, 62 घायल – कोई ठोस कार्रवाई नहीं। 2005, दिल्ली सिलसिलेवार बम धमाके में 67 लोगों की मौत, 200+ घायल – कोई ठोस कार्रवाई नहीं। मार्च 2006, वाराणसी संकट मोचन मंदिर और रेलवे स्टेशन पर बम धमाके (हरकत-उल-जिहाद) में 28 मौतें, 101 घायल – फिर भी कोई प्रभावी जवाब नहीं।

जेपी नड्डा ने कहा, “देश की सुरक्षा के लिए मजबूत राजनीतिक नेतृत्व जरूरी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच की सरकारें फैसले लेने में असमर्थ थीं और आतंकवाद के खिलाफ कोई ठोस नीति नहीं थी। जेपी नड्डा ने कहा कि जो लोग आज पहलगाम हमले के बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जब उनके पास सत्ता थी, तब देश में आतंकी हमले हो रहे थे और सरकार चुप बैठी थी।
जेपी नड्डा ने कहा, ”1947 के बाद यह पहली बार था कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उरी हमले के पीछे के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। तीन दिन के भीतर सितंबर 28-29 को सर्जिकल स्ट्राइक की गई। लॉन्चिंग पैड को ध्वस्त किया गया, पहली बार 30-40 पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मारा गया और आतंकियों का सफाया किया गया। ऐसे जवाब दिया गया, ये है पूर्णमासी, ये बदलता भारत, ये है मोदी जी का नेतृत्व और ये है पारदर्शिता। आप कहते हैं कि पीएम बोलो, पीएम बोलो… पीएम जब बोलते हैं तो दुनिया को जवाब देते हैं, देश को देते ही है।”
अगर मैं बात करूं 2004 से 2014 तक की… 2014 से 2025 पर बाद में आएंगे, क्योंकि black तस्वीर दिखाने से ही white तस्वीर की अहमियत समझ में आती है। अमावस्या को दिखाने से ही पूर्णिमा की रोशनी का एहसास होता है। – ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा के दौरान @JPNadda in RS pic.twitter.com/crtyAAtjsF
— SansadTV (@sansad_tv) July 30, 2025
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने कहा, ”जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद, 2010-2014 के बीच पत्थरबाजी की घटनाएं 2000 से घटकर शून्य हो गईं। पिछले तीन वर्षों में, कश्मीर घाटी एक दिन के लिए भी बंद नहीं हुई। आज, स्थानीय आतंकवाद समाप्त हो गया है। केवल विदेशी आतंकवादी ही बचे हैं। एक आतंकवादी का औसत जीवनकाल अब केवल 7 दिन का है। यह आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का परिणाम है।”
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