नेशनल डेस्क: राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मोदी की 2015 में पाकिस्तान की अचानक की गई यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “हम पाकिस्तान की निंदा करते हैं, और आप उनकी दावत में जाकर उन्हें गले लगा लेते हैं। आप खुद गलती करते हैं और दूसरों को उपदेश देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।”
पहलगाम हमले को लेकर सवाल
खरगे ने कहा कि सरकार पहलगाम हमले के गंभीर सवालों से भाग रही है। उन्होंने पूछा, “अगर गृह मंत्री ने पहले ही कहा था कि कश्मीर में सुरक्षा तीन गुना बढ़ा दी गई है, तो फिर आतंकवादी पहलगाम तक कैसे पहुंच गए?” उन्होंने आगे कहा कि हमले से तीन दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने अपना कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। क्या सरकार को हमले की जानकारी पहले से थी?
Discussion on Operation Sindoor | Rajya Sabha LoP Mallikarjun Kharge says, “Along with the entire country and this House, I condemn the barbaric attack (in Pahalgam) and the continuous support to terrorists by Pakistan. We had condemned Pakistan earlier too, we will condemn them… pic.twitter.com/2NBVVxg7Oa
— ANI (@ANI) July 29, 2025
विशेष सत्र की मांग पर सरकार चुप क्यों?
खरगे ने बताया कि राहुल गांधी ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी ताकि पहलगाम हमले पर चर्चा हो सके, लेकिन सरकार ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध की मिसाल देते हुए कहा कि उस समय प्रधानमंत्री ने सिर्फ कुछ सांसदों की मांग पर संसद का विशेष सत्र बुला लिया था। उन्होंने कहा, “आज की सरकार में इतनी विनम्रता भी नहीं बची।”
प्रधानमंत्री की चुनावी व्यस्तता पर भी सवाल
खरगे ने आरोप लगाया कि हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री न तो संसद में आए और न ही सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए। 22 अप्रैल को हमला हुआ, 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक हुई, लेकिन प्रधानमंत्री नहीं आए। वे सऊदी अरब से लौटकर सीधे बिहार चुनाव प्रचार में चले गए। क्या यह गंभीरता दिखाता है?

