Site icon Dainik Savera Times

Zirakpur Rape Case: मोहाली कोर्ट ने पादरी Bajinder Singh को सुनाई उम्र कैद की सजा

Zirakpur Rape Case: पंजाब डेस्क: जीरकपुर की एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न मामले में पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली कोर्ट ने आज उम्र कैद की सजा सुनाई है। पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली कोर्ट द्वारा उम्र भर की सजा सुनाई गई है। यह सजा उन्हें 2018 में एक दुष्कर्म मामले में दोषी पाए जाने के बाद दी गई है। इस मामले में, पादरी पर आरोप था कि उन्होंने कपूरथला में एक महिला के साथ दुष्कर्म किया था। बता दें कि, दुष्कर्म के मामले में नामजद बजिंदर सिंह सोमवार को अदालत में उपस्थित हुआ था और उस दिन सुनवाई के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार, 28 मार्च को मामले की सुनवाई के दौरान पादरी को दोषी करार दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, जीरकपुर पुलिस ने पादरी बजिंदर सिंह सहित कुल 7 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में पादरी के साथ अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सुच्चा सिंह, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप उर्फ पहलवान को नामजद किया गया है। इसके साथ ही, भारतीय दंड संहिता की धाराएँ 376, 420, 354, 294, 323, 506, 148 और 149 भी इस मामले में लागू की गई हैं। पादरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पादरी बजिंदर सिंह का एक वीडियो 16 मार्च (रविवार) को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे थे। इससे पहले, उन्होंने उस महिला के चेहरे पर कॉपी फेंकी थी, जो एक बच्चे के साथ बैठी थी। बजिंदर सिंह पर एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप भी है। महिला ने पुलिस को बताया कि ताजपुर गांव में स्थित ‘द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ के पादरी बजिंदर सिंह ने जालंधर में उसके साथ छेड़छाड़ की थी।

वहीं अब मोहाली कोर्ट द्वारा दी गई यह सजा पादरी बजिंदर सिंह के लिए एक बड़ी हार साबित हुई है। कोर्ट ने उसके खिलाफ आरोपों को सही ठहराते हुए उसे उम्र भर की सजा सुनाई। इसके अलावा, पादरी को अन्य कानूनी दंड और जुर्माने का भी सामना करना पड़ेगा। यह सजा समाज में अपराधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों को सहन नहीं किया जाएगा, और दोषियों को कठोर दंड मिलेगा।

Exit mobile version