
चेन्नईः तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की। चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।
अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है और अब वह एक नए राजनीतिक सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक नया राजनीतिक आंदोलन और पार्टी शुरू की जाएगी। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों और जनता से सहयोग और समर्थन की अपील भी की।
भाजपा से इस्तीफ़ा देने के बाद, के. अन्नामलाई ने कहा, “आज हम एक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। हमारी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी।” pic.twitter.com/8SDEXLGTzD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 5, 2026
साफ-सुथरी राजनीति का दिया संदेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्नामलाई ने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को एक बेहतर और पारदर्शी राजनीतिक विकल्प देना है। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी में साफ-सुथरी राजनीति को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी बनने के बाद नेतृत्व के लिए कार्यकाल (टर्म लिमिट) तय किया जाएगा ताकि एक ही परिवार या कुछ लोगों के हाथों में लंबे समय तक सत्ता न रहे। अन्नामलाई का कहना था कि इससे परिवारवाद की राजनीति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और नए लोगों को आगे आने का अवसर मिलेगा।
बीजेपी ने स्वीकार किया इस्तीफा
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही करीब छह वर्षों तक बीजेपी से जुड़े रहने के बाद अन्नामलाई और पार्टी के रास्ते अलग हो गए।
जानकारी के अनुसार, इस्तीफा देने से पहले अन्नामलाई ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की सलाह भी दी थी, लेकिन अन्नामलाई अपने निर्णय पर कायम रहे।
2020 में बीजेपी में हुए थे शामिल
पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने पुलिस सेवा से इस्तीफा देने के बाद वर्ष 2020 में बीजेपी का दामन थामा था। अपनी तेज़तर्रार छवि और बेबाक अंदाज के कारण वह समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए।
तमिलनाडु बीजेपी की कमान भी संभाली
बीजेपी ने वर्ष 2021 में अन्नामलाई को तमिलनाडु इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने एल. मुरुगन की जगह यह जिम्मेदारी संभाली थी, जिन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया था।
प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अन्नामलाई ने तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने के लिए कई अभियान चलाए और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। समर्थकों के बीच वह “सिंघम” के नाम से भी जाने जाते हैं।
नई पार्टी पर अब रहेगी सबकी नजर
अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने के ऐलान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। अब राजनीतिक विश्लेषकों और जनता की नजर इस बात पर है कि उनकी नई पार्टी का नाम क्या होगा, उसका एजेंडा क्या होगा और आने वाले चुनावों में वह किस तरह की भूमिका निभाएगी।