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AAP को बड़ी राहत, मनीष सिसोदिया को 17 महीने बाद मिली जमानत

August 9, 2024

AAP को बड़ी राहत, मनीष सिसोदिया को 17 महीने बाद मिली जमानत

नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 17 महिने बाद जमानत दे दी है। सिसोदिया को पिछले साल फरवरी में गिरफ्तार किया गया था और वो उसके बाद से ही लगातार जेल में हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने सुनाया। अदालत ने पासपोर्ट जमा करने और गवाहों को प्रभावित न करने सहित कई शर्तें भी लगाईं। शीर्ष अदालत दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली सिसोदिया की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आशंका जताई थी कि गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। एएसजी राजू ने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि इन गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात के सबूत हैं कि उन्होंने फोन रिकॉर्ड नष्ट कर दिए हैं।

 

एएसजी ने सिसोदिया पर असंबंधित दस्तावेजों की आपूर्ति से संबंधित विभिन्न विविध आवेदन दायर करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा कि आगे की जांच के बावजूद मुकदमा आगे बढ़ सकता था। सिसोदिया की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने कहा कि सत्रह महीने पहले ही पूरे हो चुके हैं, जो मामले में न्यूनतम संभावित सजा का लगभग आधा है। उन्होंने लाभ मार्जिन पर जांच एजेंसियों के आरोपों का भी खंडन किया और कहा कि यह तत्कालीन एलजी सहित कई अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय था।

एएसजी राजू ने सोमवार को कहा कि कोई भी बिना कारण के लाभ मार्जिन को मनमाने ढंग से नहीं बढ़ा सकता। इससे पहले उन्होंने आगे कहा कि सिसोदिया कोई निर्दोष व्यक्ति नहीं है जिसे राजनीतिक कारणों से पकड़ा गया है, बल्कि वह घोटाले में गले तक डूबा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनकी संलिप्तता के सबूत हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह 18 विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री थे और सभी कैबिनेट निर्णयों के लिए जिम्मेदार थे।

4 जून को शीर्ष अदालत ने उन्हें अंतिम आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अपनी प्रार्थना को फिर से शुरू करने की स्वतंत्रता भी दी। फरवरी 2023 में, सिसोदिया को अब समाप्त हो चुकी दिल्ली की नई आबकारी नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

विपक्ष द्वारा गड़बड़ी के आरोपों के बीच नीति को वापस ले लिया गया था। सिसोदिया फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई के अनुसार, सिसोदिया ने आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वह उक्त साजिश के उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए उक्त नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में गहराई से शामिल थे।

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