नेशनल डेस्क : हिमाचल प्रदेश के लिए बारिश खासी तबाही लेकर आई है। आपदा प्रबंधन की ओर से पिछले 13 घंटे में हुए नुकसान को लेकर भी रिपोर्ट जारी की गई है। 11 जगह बादल फटने के मामले सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार फिलहाल 16 लोग लापता हैं, वहीं, 277 लोगों को सुरक्षित तौर पर बचा लिया गया है। चंबा जिले में 3, हमीरपुर में 51 और मंडी में 233 लोगों को बचाया गया है। इन इलाकों में 10 से ज्यादा घर और लगभग 12 गोशालाएं जमींदोज हो गई हैं।
#WATCH | Mandi | Due to very heavy rainfall in the region, the Beas River is experiencing severe flooding.
The India Meteorological Department (IMD) has issued a red alert in Himachal Pradesh. pic.twitter.com/dGD7ZSpIjl
— ANI (@ANI) July 1, 2025
किन्नौर इलाके में भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया है। हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर का दौरा कर नुकसान का आकलन किया है। सीएम ने कहा कि राज्य में बारिश की वजह से लगभग 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। ब्यास नदीं उफान पर है। नादौन में एक महिला की बॉडी मिली है। नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है। वहीं, राज्य प्रबंधन आपदा बोर्ड ने फिलहाल 129 करोड़ के नुकसान की बात कबूली है।
🚨HEAVY RAINS TRIGGER CLOUD BURSTS AND FLOODING IN HIMACHAL PRADESH, INDIA.
Cloud bursts in Karsog area, Mandi, cause 1 death and 7 missing.
Vehicles swept away and 16 MW power project destroyed.
Beas River floods intensify
Schools and colleges closed; statewide alert active pic.twitter.com/ucXSbYhviD
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) July 1, 2025
हाल में मंडी जिले में 4 लोगों की मौत होने का मामला सामने आया है। पिछले 11 दिन की बात करें तो अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। सुक्खू ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में सहायक लोक अभियोजक की नवनिर्मित बिल्डिंग का लोकार्पण भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी-नालों से लगभग 500 मीटर की दूरी बनाकर रखें। कुछ परिवार भू-स्खलन की वजह से भी प्रभावित हुए हैं।
विभाग की ओर से लोगों को लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है। अगले 24 घंटे भी बारिश का खतरा है। सीएम ने टूरिस्ट्स को शहरी इलाकों में रहने को कहा है। सुक्खू ने कहा कि फिलहाल दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में हालात सही नहीं हैं। अधिकतर नेशनल हाईवे चल रहे हैं। विभाग की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। बिजली परियोजनाओं को बारिश की वजह से काफी नुकसान पहुंचा है।

गोहर, बगस्याड, धर्मपुर के इलाकों में बादल फटने के मामले सामने आए हैं। पिछले 2-3 सालों में बादल फटने के मामलों में बढ़ोतरी आई है। करसोग में बादल फटने से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इस बारिश ने 2023 की आपदा की यादों का ताजा कर दिया है।
संधोल (मंडी)- 223.6MM
मंडी- 216.8MM
पंडोह- 215MM
बिजाही- 196MM
करसोग- 160.2MM
गोहर- 125MM
संदरनगर (बग्गी)- 88MM
