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पाकिस्तान के खिलाफ नरम नहीं पड़ रहे भारत के तेवर, अब उठाया गया ये बड़ा कदम

India Pakistan War

नेशनल न्यूज: भारत-पाकिस्तान संघर्ष थमने के बाद भी अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया था। अब इंडियन एयरस्पेस में एंट्री पर बैन लगाने वाले नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) की अवधि को सरकार ने आधिकारिक तौर पर 23 अगस्त तक बढ़ा दिया है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इसके चलते भारत ने पाकिस्तान और POK में मौजूद आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने इसे नाकाम कर दिया था।

अब भारतीय एयरस्पेस में प्रतिबंध बढ़ाने को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने मंगलवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। मोहोल ने जानकारी दी कि एयरस्पेस बैन को बढ़ा दिया गया है। नोटिस टू एयरमेन (नोटम) को आधिकारिक तौर पर 23 अगस्त 2025 तक एक्सटेंड किया गया है।

पाकिस्तान ने भी बढ़ाया प्रतिबंध

बता दें कि पाकिस्तान भी भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर चुका है। भारतीय उड़ानों पर बैन के बाद ही केंद्र सरकार ने फैसला लिया था। पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी (PAA) का एक बयान पिछले हफ्ते सामने आया था। अथॉरिटी ने कहा था कि भारतीय एयरलाइनों द्वारा संचालित उड़ानों के लिए पाकिस्तान ने एयरस्पेस को बंद रखने की अवधि एक महीने के लिए यानी 23 अगस्त तक एक्सटेंड कर दी है।

भारतीय वायुसेना करेगी युद्धाभ्यास

PAA ने साफ किया है कि एयरस्पेस पर बैन 24 अगस्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट (भारतीय समयानुसार) तक लागू रहेगा। बता दें कि 23-25 जुलाई को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर भारतीय वायुसेना बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास करने जा रही है। राजस्थान में होने वाले इस अभ्यास से पहले पाकिस्तान की ओर से बैन बढ़ाने की अवधि को लेकर नोटम जारी किया गया है।

2019 में भी पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। तनाव के चलते इससे पहले भी दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ ऐसे कदम उठा चुके हैं। भारत का प्रतिबंध पाकिस्तान के लिए लॉजिस्टिक और वित्तीय चुनौतियां पैदा करता है। पाकिस्तान को अपने विमानों के लिए लंबे और वैकल्पिक रूट का प्रयोग करना पड़ता है।

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