
नेशनल डेस्क : दिल्ली के साकेत कोर्ट के अंदर बने लॉकअप में बंद अमन नाम के कैदी की हत्या होने से हड़कंप मच गया। मृतक कैदी अमन को यहां पेशी के लिए लाया गया था। जहां दो अन्य कैदियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। अमन की हत्या करने वाले दोनों कैदी पहले से ही तिहाड़ जेल में बंद थे और उन्हें अदालती कार्यवाही के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था। अमन नामक कैदी की हत्या लॉकअप के अंदर हुई। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अन्य सह कैदियों ने उसे हत्या का शिकार बनाया। साकेत कोर्ट में हुई यह हत्या सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर सवाल उठाती है, खासकर जब यह न्यायिक परिसर के अंदर हुई है।
तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे
साकेत कोर्ट में हत्या का मामला और भी स्पष्ट होता जा रहा है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मृतक अमन और दोनों आरोपी कैदी तिहाड़ जेल नंबर 8 में बंद थे और उन्हें अदालती कार्यवाही के लिए साकेत कोर्ट लाया गया था।
हत्याकांड की जानकारी
घटना की शुरुआत कोर्ट परिसर के लॉकअप में तीन कैदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद से हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। इस झड़प के दौरान अमन पर हमला किया गया, और वह मौके पर ही मौत का शिकार हो गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कैदियों ने अमन को इतनी बुरी तरह से मारा कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के कारण का सही पता लगाया जा सके। आरोपी कैदियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि उनके बीच विवाद की असल वजह क्या थी।
सुरक्षा के सवाल
यह घटना फिर से कोर्ट परिसर और जेल के भीतर कैदियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठाती है। अगर कोर्ट में बंदियों के बीच ऐसी हिंसा हो सकती है, तो जेलों और अदालतों में कैदियों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं इस पर ध्यान देने की जरूरत है।