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मानसून सत्र में विपक्ष का जोरदार हंगामा; पहले दिन नहीं चलने दी लोकसभा और राज्यसभा, कार्यवाही कल तक स्थगित

parliament monsoon

नेशनल डेस्क: संसद के पार्लियामेंट सत्र का शुभारंभ हो गया है। दोनों सदनों की शुरुआत में दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देते हुए मौन प्रकट किया गया। इसके बाद विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया था। हंगामे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सबको अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। विपक्ष का ये तरीका उचित नहीं है। सदन को चलाना सबकी जिम्मेदारी है। हमें हंगामे का मिथक तोड़ना होगा।

बता दें कि विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने और पीएम से जवाब देने की मांग कर रहे थे। विपक्ष ने ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए। विपक्षी सांसद वेल के अंदर पहुंच गए। इसी बीच ओम बिरला ने कहा कि अगर किसी को नारेबाजी करनी है तो बाहर जाएं। सरकार हर सवाल का जवाब देगी। सभी लोगों को हर मुद्दे के ऊपर बोलने का मौका मिलेगा।

विपक्ष के अड़ने के बाद लोकसभा स्पीकर ने दोपहर 12 बजे तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया था। इसके बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फिर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। 2 बजे कार्यवाही शुरू होते ही फिर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।

ओम बिरला के कहने के बाद भी सांसद वेल से नहीं हटे तो कार्यवाही को शाम 4 बजे तक स्थगित कर दिया गया। वहीं, शाम को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही जारी हुई, विपक्ष फिर हंगामा करने लगा। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

वहीं, सामने आया है कि ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में 16 और राज्यसभा में 9 घंटे चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, अंतरिक्ष में जाने वाले शुभांशु शुक्ला पर भी चर्चा की जाएगी। बता दें कि लैडिंग बिल अब राज्यसभा से पारित हो गया है। इस बिल को मार्च 2025 में लोकसभा से पारित करवा लिया गया था।

चर्चा के दौरान आप, बीजेडी और भारत राष्ट्र समिति को छोड़ अन्य सभी विपक्षी दलों के सदस्य सदन में नहीं थे। विपक्षी दलों ने यह भी मांग की है कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम, होम मिनिस्टर और डिफेंस मिनिस्टर सदन में मौजूद रहें। इस ऑपरेशन को लेकर अगले हफ्ते चर्चा होगी।

राज्यसभा में सुबह दिखी तनातनी

वहीं, इससे पहले सुबह राज्यसभा में भी मल्किार्जुन खड़गे ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जवाब मांगा था। इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार चर्चा चाहती है। वह पूरी तरह तैयार है, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में समय आवंटित करने की डिमांड की गई है। 8 दिन तक चला ऑपरेशन सिंदूर आजादी के बाद काफी महत्वपूर्ण रहा है।

वहीं, विपक्ष के हंगामे की वजह से सभापति जगदीप धनखड़ ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया था। इसके बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई थी, विपक्ष के सांसद एसआईआर और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए हंगामा करने लगे। इसके बाद कांग्रेस के सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया था।

इसके बाद कार्यवाही शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही बीरेंद्र प्रसाद वैश्य, कणाद पुरकायस्थ, मीनाक्षी जैन, सी सदानंदन मास्टर और हर्षवर्धन श्रृंगला ने नए सदस्य के तौर पर शपथ ली। हंगामा न रुकता देख सभापति ने बाद में कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया। इसके बाद 2 बजे फिर कार्यवाही शुरू हुई थी। इसके बाद लैंडिंग बिल पास हुआ। बिल पास होने के बाद भी विपक्ष हंगामा करने से बंद नहीं हुआ। बाद में सभापति ने अगले दिन के लिए राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी।

वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने का मोशन आया। इसको लेकर सभापति ने जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि 50 से अधिक सदस्यों की ओर से उनको नोटिस मिला है। सदन में प्रस्ताव आने पर प्रीसाइडिंग ऑफिसर के पास इसे स्वीकार और खारिज करने का अधिकार होता है।

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