
नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। पुतिन की आगवानी करने के लिए पीएम मोदी पालम एयरपोर्ट पर खुद मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने एक दूसरे को गले लगाया। आमतौर पर किसी भी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए निर्धारित सरकारी प्रोटोकॉल होता है, लेकिन PM मोदी ने इस बार उसे तोड़कर पुतिन का स्वागत करके दोनों देशों के बीच की करीबी और “स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” का मजबूत संदेश दिया।
दो दिन का भारत दौरा
पुतिन दो दिन के सरकारी दौरे पर भारत आए हैं। वे 5 दिसंबर को दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी के साथ 23वीं इंडिया-रशिया एनुअल समिट करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2021 के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह विज़िट और भी अहम मानी जा रही है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin travel in the same car, as they depart from the Palam Technical Airport in Delhi
President Putin is on a two-day State visit to India. He will hold the 23rd India-Russia Annual Summit with PM… pic.twitter.com/R1CgPlj2B6
— ANI (@ANI) December 4, 2025
चीन में मोदी-पुतिन की दोस्ती की झलक
1 सितंबर को चीन के तियानजिन में SCO समिट के दौरान दोनों नेताओं की गर्मजोशी पूरे कार्यक्रम में दिखी थी। पुतिन ने PM मोदी के साथ कार में बैठने के लिए लगभग 10 मिनट इंतज़ार भी किया था। यह उनकी आपसी दोस्ती और भरोसे को दर्शाता है।
#WATCH | Russian President Vladimir Putin and Prime Minister Narendra Modi share a hug as PM Modi receives President Putin, at the Palam Technical Airport in Delhi
President Putin is on a two-day State visit to India. He will hold the 23rd India-Russia Annual Summit with PM… pic.twitter.com/3Rvfnp1sDD
— ANI (@ANI) December 4, 2025
भारत का संतुलन-रूस भी, पश्चिम भी
इस दौरे को दुनिया भारत की “स्ट्रेटेजिक बैलेंसिंग” के रूप में देख रही है—जहां भारत रूस के साथ अपने पारंपरिक रिश्तों को मजबूत भी रखता है और पश्चिमी देशों (खासतौर पर अमेरिका और यूरोप) के साथ भी अपने संबंध बनाए रखता है। रूस पश्चिमी देशों से अलग-थलग हो रहा है, ऐसे समय में पुतिन का भारत आना रूस की भारत पर बढ़ती निर्भरता और भरोसे को दिखाता है।
कौन-कौन से मुद्दों पर बातचीत होगी?
इस दौरे में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, यूक्रेन संघर्ष, अफगानिस्तान की स्थिति, भारत-रूस रक्षा साझेदारी (डिफेंस कोऑपरेशन), ऊर्जा सहयोग (तेल, गैस और न्यूक्लियर एनर्जी और ट्रेड व निवेश बढ़ाना। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल कम खरीदने का दबाव बनाया था, लेकिन भारत अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए रूसी तेल आयात जारी रखता आया है।
ट्रेड बढ़ाने की बड़ी कोशिश
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पुतिन एक बड़े बिज़नेस डेलिगेशन के साथ आए हैं। भारत का लक्ष्य है कि रूस के साथ अपना ट्रेड डेफिसिट कम किया जाए, यानी भारत रूस को ज़्यादा सामान बेच सके। भारत जिन क्षेत्रों में रूस को ज्यादा निर्यात बढ़ाना चाहता है, उनमें शामिल हैं, दवाइयाँ (Pharmaceuticals), ऑटोमोबाइल, कृषि उत्पाद (जिसमें मछली/मरीन प्रोडक्ट भी शामिल) मशीनरी और औद्योगिक सामान। इससे भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार मिलेगा, किसानों की आय में मदद होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
#WATCH | Russian President Vladimir Putin lands in Delhi
President Putin is on a two-day State visit to India. He will hold the 23rd India-Russia Annual Summit with PM Narendra Modi in Delhi on December 5 pic.twitter.com/Y6dELuOUbt
— ANI (@ANI) December 4, 2025
कई नए करार होने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, इन क्षेत्रों में समझौते (MoUs) साइन हो सकते हैं, शिपिंग और ट्रांसपोर्ट हेल्थकेयर, फर्टिलाइज़र आपूर्ति, कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग, वैज्ञानिक कोलेबोरेशन और लोगों के बीच संपर्क (People-to-People ties)। रूस के वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि दोनों देश 2030 तक 100 बिलियन डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
भारत में पुतिन का पूरा कार्यक्रम
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि, हैदराबाद हाउस में PM मोदी के साथ बैठक और प्रेस स्टेटमेंट, एक बड़े बिज़नेस इवेंट में हिस्सा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात।
25 साल पुरानी दोस्ती
यह दौरा PM मोदी और पुतिन की लगभग 25 साल पुरानी दोस्ती की भी याद दिलाता है। 2001 में, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मॉस्को गए थे, और तभी से मोदी-पुतिन के बीच व्यक्तिगत रिश्ते मजबूत बने हुए हैं।