Last Updated: October 15, 2026

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देश में बढ़ गई खुदरा महंगाई दर, नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही; जानें कौन सी चीजें हुई महंगी

December 12, 2025

देश में बढ़ गई खुदरा महंगाई दर, नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही; जानें कौन सी चीजें हुई महंगी

नई दिल्ली: भारत में खुदरा महंगाई दर नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर की महंगाई दर 0.25 प्रतिशत से 46 आधार अंक अधिक है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।

शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर?

मंत्रालय ने बताया कि नवंबर में शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 1.40 प्रतिशत रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 0.10 प्रतिशत रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में खाद्य महंगाई दर -3.91 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -4.05 प्रतिशत है, जबकि शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -3.60 प्रतिशत रही है।

नवंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अनाज की कीमत में 0.10 प्रतिशत, मांस और मछली की कीमत में 2.50 प्रतिशत, अंडों की कीमत में 3.77 प्रतिशत, दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 2.45 प्रतिशत, ऑयल और फैट की कीमतों में 7.87 प्रतिशत, फलों की कीमतों में 6.87 प्रतिशत, चीनी और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 4.02 प्रतिशत और गैर अल्कोहल पेय पदार्थों की कीमतों में 2.92 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है।

ईंधन और ऊर्जा में महंगाई दर 2.32 प्रतिशत रही

दूसरी तरफ सब्जियों की कीमतों में 22.20 प्रतिशत, दालों और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 15.86 प्रतिशत और मसालों की कीमतों में 2.89 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि परिवहन और संचार में महंगाई दर नवंबर में 0.88 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 0.94 प्रतिशत पर थी। ईंधन और ऊर्जा में नवंबर में महंगाई दर 2.32 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 1.98 प्रतिशत थी।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीएसटी रेट कटौती और खाद्य कीमतों में तेज गिरावट के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए देश के मुद्रास्फीति दर के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है।

आरबीआई गवर्नर का बयान 

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “हेडलाइन मुद्रास्फीति में महत्वपूर्ण गिरावट आई है और इसके पिछले अनुमानों से भी नरम रहने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों का सौम्य रहना है। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण 2025-26 और 2026-27 की पहली तिमाही में औसत मुद्रास्फीति के अनुमानों को कम कर दिया गया है।”

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