नई दिल्ली: साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए गोल्डीलॉक्स जैसा साल साबित हो सकता है। इसका मतलब है कि न तो हालात बहुत ज्यादा खराब होंगे और न ही बहुत ज्यादा गरम, बल्कि निवेश के लिए संतुलित और अनुकूल माहौल रहेगा। रिपोर्ट में कहा कि 2026 में अर्थव्यवस्था की अच्छी वृद्धि, ब्याज दरों में गिरावट, रुपए की स्थिरता और दुनिया भर में जोखिम कम होने से शेयर बाजार को फायदा मिलेगा। खास तौर पर मेटल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (बीएफएसआई), पूंजीगत सामान (कैपिटल गुड्स) और रक्षा क्षेत्र के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी कंपनियों की कमाई करीब 16 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिसके आधार पर 2026 में बाजार से लगभग 11 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद जताई गई है। साल के अंत तक निफ्टी का लक्ष्य 28,720 निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट में कहा कि 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की नीतियों से घरेलू मांग को सपोर्ट मिलेगा। ब्याज दरों में कटौती, सीआरआर में कमी और बाजार में नकदी बढ़ाने जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता भी कम होने की उम्मीद है। टैरिफ में राहत और 2026 की शुरुआत में भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौते की संभावना से बाजार को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। रिपोर्ट में बताया कि शेयरों की कीमतों में पहले आई गिरावट और विदेशी निवेशकों की कम हिस्सेदारी से आगे बाजार में तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। रिकॉर्ड स्तर पर एसआईपी निवेश और नए डीमैट खातों की बढ़ौतरी से घरेलू निवेशकों का समर्थन लगातार बना हुआ है।
मेटल सैक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रर पर सरकार के खर्च, नई फैक्ट्रियों की स्थापना और दुनिया भर में कमोडिटी की मांग बढ़ने से इस सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। रिपोर्ट में बताया कि 2026 के दूसरे हिस्से में आईटी क्षेत्र में एआई की मदद से सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं, उपभोग से जुड़े क्षेत्रों में धीरे-धीरे सुधार और महंगे उत्पादों की मांग बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे में मदद मिल सकती है।

