Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

2025 में भारत में सस्ते 5G स्मार्टफोन शिपमेंट में रिकॉर्ड 1,900% से ज्यादा उछाल: रिपोर्ट

February 9, 2026

2025 में भारत में सस्ते 5G स्मार्टफोन शिपमेंट में रिकॉर्ड 1,900% से ज्यादा उछाल: रिपोर्ट

साल 2025 में भारत में सस्ते 5जी स्मार्टफोन की शिपमेंट (डिलीवरी) में साल-दर-साल आधार पर 1,900 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें, एंट्री-लेवल 5जी चिपसेट की बेहतर उपलब्धता और देश भर में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार रहा।

साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच गया। इस दौरान सस्ते 5जी फोन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और महंगे (प्रीमियम) स्मार्टफोन की मांग भी बनी रही। सबसे बड़ा बदलाव 6,000 से 8,000 रुपए की कीमत वाले फोन सेगमेंट में देखने को मिला।

रिपोर्ट में बताया गया कि कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 5जी फोन की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही, जो सालाना आधार पर 12 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि 5जी अब सिर्फ महंगे फोन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

भारत में एप्पल ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और मार्केट शेयर 9 प्रतिशत तक पहुंच गया। आईफोन 16 सीरीज में बेस मॉडल आईफोन 16 की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि लोग प्रो या प्लस मॉडल के बजाय कम कीमत वाले मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी ने कहा, “2025 भारत के स्मार्टफोन बाजार के लिए गिरावट का नहीं, बल्कि दोबारा संतुलन बनाने का साल रहा। भले ही कुल बिक्री में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन सस्ते 5जी फोन की तेजी, महंगे फोन की स्थिर मांग और नए ब्रांड्स के उभरने से यह साफ है कि बाजार कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि बदल रहा है।”

2025 में 6.7 इंच या उससे बड़े डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जिससे साफ है कि अब ग्राहक बड़े स्क्रीन वाले फोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में मीडियाटेक 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में क्वालकॉम ने 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बनाए रखी।

सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के एनालिस्ट पंकज जादली ने कहा कि 2026 में कंपोनेंट और मेमोरी की बढ़ी हुई लागत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसका असर यह होगा कि साल भर उपभोक्ताओं का खरीदारी व्यवहार ज्यादा सोच-समझकर और सीमित रहेगा।

उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्मार्टफोन बाजार से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि वे अब ज्यादा चयनशील हो गए हैं। लोग अपने मौजूदा फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं और तभी अपग्रेड कर रहे हैं, जब उन्हें नए डिवाइस में वाकई बेहतर वैल्यू नजर आती है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें