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एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया: राघव चड्ढा

AI Impact Summit 2026 India Global AI Map

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और प्रौद्योगिकी शासन से संबंधित चर्चाओं को आकार देने में भारत को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है।

यहां शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में चड्ढा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के शासन, विकास और जनहित में इसके उपयोग को लेकर वैश्विक बहसों में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

उन्होंने रेखांकित किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि एक रणनीतिक मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि मजबूत कंप्यूटिंग क्षमता और बुनियादी ढांचे वाले देश आने वाले वर्षों में विश्व पर हावी होने की संभावना रखते हैं।

चड्ढा ने कहा कि प्रसंस्करण क्षमता और डिजिटल बुनियादी ढांचा यह तय करेगा कि एआई युग में कौन से देश नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तीन वैश्विक एकाधिकारों की ओर भी इशारा किया।

चड्ढा ने कहा कि एआई डिजाइन पर नियंत्रण कुछ ही कंपनियों के हाथों में है, उत्पादन सीमित क्षेत्रों में केंद्रित है, और अमेरिका जैसी नीतियों के कारण निर्यात प्रतिबंधित है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत अभी तक इन तीनों स्तंभों पर नियंत्रण नहीं कर पाया है, लेकिन मानव संसाधन के मामले में देश की एक बड़ी ताकत है।

भारत की प्रतिभाओं की प्रचुरता पर जोर देते हुए, चड्ढा ने कहा कि विश्व एआई पेशेवरों और कुशल मानव संसाधन के लिए भारत की ओर तेजी से देख रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत को उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लानी होगी और मजबूत घरेलू बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा।

ऐतिहासिक तुलना करते हुए चड्ढा ने कहा कि जिस प्रकार 20वीं शताब्दी में तेल, गैस और इस्पात ने वैश्विक शक्ति को परिभाषित किया, उसी प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सेमीकंडक्टर निर्माण 21वीं शताब्दी में भू-राजनीतिक प्रभाव को आकार देंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इस नई वैश्विक व्यवस्था में अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए भारत को निर्णायक कदम उठाने होंगे।

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