नई दिल्ली: श्रम प्रधान परिधान क्षेत्र 2030 तक देश के व्यापारिक निर्यात को एक हजार अरब डॉलर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने बृहस्पतिवार को यह कहा। एईपीसी ने कहा कि बजट में दिए गए प्रोत्साहन के जरिए उद्योग को बाजार और उत्पादन विविधीकरण पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। परिषद के अध्यक्ष नरेश गोयनका ने कहा कि निर्यात सुगमता का माहौल मिलने से क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। गोयनका ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया और यूएई के साथ व्यापार समझौते और कोष में वृद्धि जैसी सरकार की अहम पहलों से हमें बाजार विविधीकरण और उत्पाद में भी विविधता पर ध्यान देने में मदद मिलेगी।’’
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