नई दिल्ली: दुनियाभर में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी ऐप्स के खतरे के बीच एप्पल कंपनी ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी का दावा है कि उसने सिर्फ एक साल में 2.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 18 हजार करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन रोककर करोड़ों यूजर्स की मेहनत की कमाई को सुरक्षित बचाया है।
कंपनी ने यह जानकारी साझा कि पिछले छह सालों में ऐप स्टोर ने कुल 11.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड को रोकने में सफलता हासिल की है।
हर हफ्ते 85 करोड़ लोग करते हैं एप्प स्टोर विजिट
एप्पल के मुताबिक, उसके App Store पर 175 देशों से हर सप्ताह लगभग 85 करोड़ विजिटर्स आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यूजर्स की सुरक्षा बनाए रखने के लिए कंपनी एडवांस मशीन लर्निंग सिस्टम, AI तकनीक और मानव रिव्यू टीम की मदद लेती है। कंपनी का कहना है कि ये सिस्टम फर्जी रिव्यू, पेमेंट फ्रॉड, स्कैम ऐप्स और खतरनाक सॉफ्टवेयर की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक करने में सक्षम हैं।
2025 में 91 लाख ऐप्स की हुई जांच
एप्पल ने बताया कि साल 2025 के दौरान उसकी App Review टीम ने 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन की जांच की। इस दौरान करीब 3 लाख नए डेवलपर्स को प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया गया। हालांकि, App Store की गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर 20 लाख से ज्यादा ऐप्स को रिजेक्ट भी किया गया। इनमें नए ऐप्स के साथ लाखों ऐप अपडेट शामिल थे।
एप्पल का कहना है कि उसकी सिक्योरिटी टीम में इंसानी एक्सपर्ट्स के साथ AI बेस्ड सिस्टम भी काम करते हैं। AI तेजी से संदिग्ध गतिविधियों और खतरनाक ऐप्स को पहचानता है, जबकि मानव टीम उनकी गहराई से जांच करती है। कंपनी के मुताबिक, कई ऐप्स शुरुआत में सामान्य गेम या यूटिलिटी ऐप के रूप में सामने आए, लेकिन बाद में उन्हें फ्रॉड प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया। ऐसे करीब 59 हजार ऐप्स को प्लेटफॉर्म से हटाया जा चुका है।
फर्जी अकाउंट और बॉट नेटवर्क पर भी कार्रवाई
एप्पल ने यह भी खुलासा किया कि साइबर ठग ऐप रैंकिंग बढ़ाने और नकली रिव्यू पोस्ट करने के लिए बॉट नेटवर्क और फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी के अनुसार, उसने 2025 में 1.1 बिलियन फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिशों को सफल होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया।
बच्चों की सुरक्षा पर भी सख्ती
एप्पल ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने बताया कि Kids कैटेगरी में मौजूद 5 हजार से ज्यादा ऐप्स को नियमों का उल्लंघन करने पर रिजेक्ट किया गया।
इन ऐप्स में कई ऐसे थे जो पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स जैसे Screen Time और Ask to Buy का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। Apple का कहना है कि वह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।
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बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के बीच बड़ा कदम
डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन ऐप्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में Apple का यह दावा टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि AI और मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम की मदद से बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी को रोका जा सकता है।

