Last Updated: October 19, 2026

Dainik Savera Times Logo

असम चावल अनुसंधान संस्थान विकसित कर रहा उच्च उपज देने वाला सुगंधित ‘जोहा’ 

November 19, 2023

असम चावल अनुसंधान संस्थान विकसित कर रहा उच्च उपज देने वाला सुगंधित ‘जोहा’ 

टीटाबार (असम): अपना शताब्दी वर्ष मना रहा एक चावल अनुसंधान संस्थान असम के प्रसिद्ध सुगंधित जोहा का एक उच्च उपज देने वाला प्रीमियम गुणवत्ता वाला संस्करण विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। संस्थान द्वारा विकसित चावल की किस्मों में मधुमेह रोगियों के अनुकूल बैंगनी चावल की किस्म भी शामिल है।

जोरहाट से लगभग 20 किमी दूर असम चावल अनुसंधान संस्थान (एआरआरआई) की शुरुआत 1923 में राज्य की ब्रह्मपुत्र घाटी के किसानों की समस्याओं को पूरा करने के लिए एक चावल प्रायोगिक स्टेशन के रूप में हुई थी। संस्थान ने अपनी स्थापना के बाद से राज्य में चावल के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संस्थान 1969 में चावल अनुसंधान स्टेशन के रूप में असम कृषि विश्वविद्यालय (एएयू) के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। इस साल 27 जनवरी को इसका नाम असम कृषि विश्वविद्यालय-असम चावल अनुसंधान संस्थान (एएयू-एआरआरआई) रख दिया गया।एएयू-एआरआरआई के मुख्य वैज्ञानिक संजय कुमार चेतिया ने कहा कि संस्थान अब जरूरत आधारित कृषि पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

चेतिया ने  कहा, ह्लयही कारण है कि एआरआरआई अब बाजार सर्वेक्षण करता है, किसानों, खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, मिल मालिकों और कंपनियों जैसे हितधारकों को जानकारी के लिए आमंत्रित करता है कि उसे किस पहलू पर अपने शोध पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। एआरआरआई ने 2022 में उच्च उपज देने वाली बैंगनी चावल की किस्म लाबान्या को विकसित और लोकप्रिय बनाया।

ये भी पढ़ें: GT vs RCB, IPL 2026: गुजरात टाइटन्स ने जीता टॉस, बेंगलुरु को बल्लेबाजी के लिए बुलाया (देखें प्लेइंग 11)

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें