बिजनेस डेस्क: वैश्विक मंदी की आशंका, कच्चे माल की बढ़ती-घटती कीमतें और रुपये की कमजोरी जैसे हालात के बीच बाबा रामदेव से जुड़ी कंपनी पतंजलि फूड्स ने इस वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में 29,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। बाजार में अनिश्चितता के बावजूद कंपनी की तेज ग्रोथ ने उद्योग जगत का ध्यान खींचा है।
तीसरी तिमाही में भी मजबूत नतीजे
वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में पतंजलि फूड्स का राजस्व करीब 10,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 16 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है। कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग 594 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि बाजार की चुनौतियों के कारण कंपनी का एबिटडा (EBITDA) 500 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी रही है। इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
एफएमसीजी सेगमेंट ने दी बड़ी बढ़त
कंपनी की सफलता में एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) सेगमेंट की अहम भूमिका रही है। इस विभाग ने सालाना आधार पर करीब 39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। बिस्कुट, नूडल्स और रोजमर्रा के उपयोग के उत्पादों की मांग बढ़ने से कंपनी की बिक्री में तेजी आई है।
खाद्य तेल कारोबार भी मजबूत
पतंजलि फूड्स का खाद्य तेल कारोबार भी लगातार मजबूत बना हुआ है। कंपनी को करीब 7,335 करोड़ रुपये का राजस्व केवल फूड ऑयल सेगमेंट से मिला है। खास बात यह है कि कुल तेल बिक्री में लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा ब्रांडेड उत्पादों का है, जिससे कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आर्थिक दबाव के बावजूद विस्तार जारी
कंपनी का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद उसने अपने पुराने ग्राहकों को बनाए रखा और नए बाजारों में भी विस्तार किया है। स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग और मजबूत वितरण नेटवर्क ने कंपनी की ग्रोथ को गति दी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जिस रफ्तार से पतंजलि फूड्स आगे बढ़ रही है, वह आने वाले समय में अन्य बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश कर सकती है।