Site icon Dainik Savera Times

बीमा उत्पाद बेचने के बजाय अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान दें बैंक: सीतारमण

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा बीमा सहित अन्य वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री (मिस-सेलिंग) पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसा करना भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे गैर-बैंकिंग उत्पाद बेचने के बजाय अपने मूल कार्य—जमा जुटाने और ऋण उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करें। बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि कई मामलों में ग्राहकों को ऐसे बीमा उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है जिनकी उन्हें आवश्यकता नहीं होती।
उन्होंने कहा कि गृह ऋण लेते समय संपत्ति पहले से जोखिम के दायरे में होने के बावजूद अतिरिक्त बीमा लेने के लिए दबाव बनाया जाता है।

आरबीआई ने 11 फरवरी को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद बेचने से संबंधित मसौदा दिशानिर्देश जारी किए थे। प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से उत्पाद या सेवा बेची जाती है, तो बैंक को ग्राहक से ली गई पूरी राशि वापस करनी होगी। इस मसौदे पर 4 मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई हैं और कड़े नियम एक जुलाई से लागू किए जा सकते हैं। इस बीच, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्र ने बताया कि बैंकिंग प्रणाली में जमा वृद्धि लगभग 12.5% और ऋण वृद्धि दर करीब 14.5% है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति भविष्य की नीतिगत दरों पर निर्णय वृद्धि और मुद्रास्फीति के रुख को ध्यान में रखकर करेगी। आरबीआई ने बाजार में पर्याप्त नकदी बनाए रखने का भी आश्वासन दिया है।

Exit mobile version