राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे आम लोगों के हित में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ओडिशा में आयोजित ब्लैक स्वान समिट को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि भारत में एआई शोध को गति देने के लिए सरकार ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में इस महीने नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुनिया के करीब 100 देशों की भागीदारी होगी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि इस समिट का मकसद एआई को सिर्फ एक आधुनिक तकनीक के रूप में देखना नहीं है, बल्कि इसे समावेशी विकास और लोगों तक अवसर पहुंचाने का एक मजबूत माध्यम बनाना है।
सरकार की ओर से इस हफ्ते जारी जानकारी के मुताबिक, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 35,000 से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं। इसमें 100 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा स्टार्टअप्स हिस्सा लेंगे और करीब 500 सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मंत्रालय के बयान में बताया गया कि 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में होने वाला यह समिट अब तक आयोजित चार वैश्विक एआई सम्मेलनों में सबसे बड़ा होने की उम्मीद है। यह जिम्मेदार, समावेशी और असरदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर दुनिया भर में बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है।
बयान में यह भी कहा गया कि इस सम्मेलन को दुनियाभर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और इसका फोकस नीतियों और विचारों को ज़मीन पर उतारने पर रहेगा, ताकि वास्तविक और उपयोगी नतीजे सामने आ सकें।
इस समिट में सरकारों, उद्योग जगत के दिग्गजों, शोधकर्ताओं, सिविल सोसाइटी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। अनुमान है कि इसमें 100 से ज्यादा देशों से प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष, 50 से अधिक मंत्री और भारत समेत दुनिया की बड़ी कंपनियों के 40 से ज्यादा सीईओ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, ग्लोबल एआई इकोसिस्टम से जुड़े करीब 500 प्रमुख विशेषज्ञ, नवोन्मेषक, शोधकर्ता और मुख्य तकनीकी अधिकारी भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...