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बीएचईएल ने देशी एससीआर कैटालिस्ट के पहले सेट का विनिर्माण पूरा किया

नयी दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने स्वदेशी ‘सलेक्टिव कैटालिस्ट रिएक्टर’ (एससीआर) का पहले सेट का विनिर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इससे कंपनी को ताप बिजली घरों से एनओएक्स के उत्सजर्न को सीमित करने में मदद मिलेगी। यह प्रणाली उत्सजर्न नियंत्रण में मदद करती है। बीएचईएल की ओर से जारी बयान के अनुसार, इन सलेक्टिव कैटालिस्ट रिएक्टर (एससीआर) का अबतक आयात हो रहा है। यह सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

बयान में कहा गया कि बीएचईएल की निदेशक (औद्योगिक प्रणाली व उत्पाद) रेणुका गेरा ने स्वदेशी एससीआर कैटालिस्ट के पहले सेट को कंपनी के बेंगलुरु के सौर कारोबार प्रभाग से तेलंगाना में पांच गुणा 800 मेगावाट के यदाद्री ताप बिजली स्टेशन के लिए झंडी दिखाकर रवाना किया। बीएचईएल ने एसबीडी इकाई में एससीआर कैटालिस्ट विनिर्माण सुविधा स्थापित की है।कोयले दहन नाइट्रोजन को नाइट्रिक ऑक्साइड (एनओ), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ2) और नाइट्रस ऑक्साइड (एन2ओ) जैसे उत्पादों में परिर्वितत करता है। इन उत्पादों को सामूहिक रूप से नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) कहा जाता है। ये प्रदूषण फैलाते हैं। एनओएक्स के दीर्घकालिक गंभीर प्रभाव के मद्देनजर पर्यावरण व वन मंत्रलय की अधिसूचना पर विचार करते हुए तेलंगाना राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड ने पांच गुणा 800 मेगावाट के यदाद्री ताप बिजली स्टेशन के लिए एससीआर का ऑर्डर दिया था।

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