Last Updated: September 20, 2026

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UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट: 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट पर लग सकती है फीस

August 5, 2026

UPI यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट: 2 हजार से ज्यादा के पेमेंट पर लग सकती है फीस

UPI New Rules: डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार जल्द ही 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की अनुमति दे सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक, यह चार्ज केवल व्यापारियों (Merchants) को किए जाने वाले भुगतान पर लागू होगा, जबकि आम लोगों के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

0.25% से 0.40% तक लग सकता है MDR

सरकार के विचाराधीन प्रस्ताव के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक MDR वसूला जा सकता है। हालांकि, यह शुल्क सीधे ग्राहकों से लिया जाएगा या व्यापारी स्वयं वहन करेंगे, इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।

संसद में पेश हुआ संशोधन विधेयक

मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ पेश किया। इस विधेयक में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों पर MDR लगाने से जुड़ी मौजूदा रोक हटाने का प्रस्ताव शामिल है। सरकार ने फिलहाल इसके लागू होने की तारीख तय नहीं की है।

आम ग्राहकों की रोजमर्रा की पेमेंट पर नहीं पड़ेगा असर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन कुल लेनदेन की संख्या का लगभग 95% हिस्सा हैं। इसलिए दूध, सब्जी, किराना, मेडिकल स्टोर, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी जैसी रोजमर्रा की छोटी भुगतान सेवाओं पर इस प्रस्ताव का असर बेहद सीमित रहने की संभावना है।

बड़े ट्रांजैक्शन पर रहेगा फोकस

हालांकि 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन संख्या में कम हैं, लेकिन कुल UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65% बताई जाती है। इसी वजह से सरकार बड़े भुगतान वाले सेगमेंट के लिए MDR मॉडल पर विचार कर रही है।

जुलाई में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा UPI

हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई महीने में देशभर में करीब 23.7 अरब UPI ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। लगातार बढ़ते डिजिटल भुगतान के बीच सरकार और उद्योग जगत भुगतान प्रणाली को टिकाऊ बनाने के विकल्प तलाश रहे हैं।

क्या ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा?

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यदि MDR लागू भी होता है, तब भी अधिकांश व्यापारी इसकी लागत ग्राहकों पर नहीं डालेंगे। इसके अलावा, सरकार शुल्क की अधिकतम सीमा (Ceiling) भी तय कर सकती है ताकि अतिरिक्त बोझ न बढ़े।

अभी कार्ड पेमेंट पर पहले से लगता है MDR

वर्तमान में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के जरिए किए जाने वाले भुगतान पर MDR लागू है। क्रेडिट कार्ड पर यह शुल्क कई मामलों में 3% तक हो सकता है, जबकि डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर निर्धारित सीमा के अनुसार अलग-अलग MDR लागू होता है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए UPI के बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए भी नई व्यवस्था पर चर्चा चल रही है।

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अंतिम फैसला अभी बाकी

फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और सरकार ने इसे लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में आम UPI यूजर्स को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है। अंतिम नियम जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगेगा और उसका वास्तविक असर कितना होगा।

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