Last Updated: October 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

मध्य पूर्व संकट से तेल कीमतों में उछाल, ब्रेंट क्रूड 60% से अधिक चढ़ा

March 23, 2026

मध्य पूर्व संकट से तेल कीमतों में उछाल, ब्रेंट क्रूड 60% से अधिक चढ़ा

मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, और इसकी कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर सोमवार को लगभग 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मई वायदा के लिए कच्चे तेल की कीमत 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 9,310 रुपए प्रति बैरल हो गई। पिछले 30 दिनों में कच्चे तेल की कीमत करीब 56 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) करीब 98.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया, जिसमें पिछले सत्र में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते मिडिल ईस्ट के कई तेल उत्पादन संयंत्रों में उत्पादन घटाने और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बन गई है।

ये भी पढ़ें : https://dainiksaveratimes.com/business/hormuz-crisis-oil-price-forecast-goldman-sachs/

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी गई थी, जिसकी समयसीमा सोमवार को खत्म हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स को नष्ट कर दिया जाएगा।

दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाब में खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे पर हमले की धमकी दी है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है और वहां जहाजों की आवाजाही जारी है, लेकिन युद्ध जैसी स्थिति के कारण सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए हैं।

वैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान बढ़ाकर 85 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जो पहले 77 डॉलर था। साथ ही मार्च-अप्रैल के लिए औसत कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है।

रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति सामान्य स्तर के सिर्फ 5 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है और इसमें सुधार आने में करीब एक महीने का समय लग सकता है।

हालांकि एशिया में सप्लाई कम हो रही है, लेकिन अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में कच्चे तेल का भंडार अभी भी बढ़ रहा है। इससे संकेत मिलता है कि संघर्ष शुरू होने से पहले वैश्विक स्तर पर सप्लाई मांग से ज्यादा थी।

वैश्विक वित्तीय संस्था ने यह भी अनुमान लगाया है कि मिडिल ईस्ट में कच्चे तेल के उत्पादन में होने वाला नुकसान वर्तमान में 1.1 करोड़ बैरल प्रति दिन से बढ़कर 1.7 करोड़ बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकता है, जिससे वैश्विक बाजार पर और दबाव बढ़ेगा।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें