Last Updated: September 22, 2026

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Car Buying Tips:पुरानी कार का माइलेज असली है या नकली? ऐसे मिनटों में करें ओडोमीटर फ्रॉड की पहचान

July 28, 2026

Car Buying Tips:पुरानी कार का माइलेज असली है या नकली? ऐसे मिनटों में करें ओडोमीटर फ्रॉड की पहचान

Car Buying Tips: पुरानी कार खरीदना नई कार की तुलना में कम खर्चीला विकल्प हो सकता है, लेकिन अगर सही जांच-पड़ताल न की जाए तो यह महंगा सौदा भी साबित हो सकता है। सेकेंड हैंड कार बाजार में सबसे आम धोखाधड़ी में से एक ओडोमीटर फ्रॉड है, जिसमें वाहन की वास्तविक चली हुई दूरी (माइलेज) को कम दिखाने के लिए ओडोमीटर से छेड़छाड़ की जाती है। इससे कार कम इस्तेमाल की हुई दिखाई देती है और उसकी कीमत बढ़ जाती है।

सिर्फ ओडोमीटर की रीडिंग देखकर फैसला न करें

यदि कार का ओडोमीटर बहुत कम किलोमीटर दिखा रहा है, तो केवल उसी पर भरोसा करना सही नहीं है। कार की सीटों की घिसावट, स्टीयरिंग व्हील, गियर नॉब और पैडल की स्थिति भी देखें। अगर ये हिस्से जरूरत से ज्यादा घिसे हुए हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि वाहन वास्तव में अधिक चला हुआ है।

सर्विस हिस्ट्री से मिल सकता है बड़ा सुराग

पुरानी कार खरीदने से पहले उसके सर्विस रिकॉर्ड जरूर मांगें। अधिकृत सर्विस सेंटर हर सर्विस के दौरान वाहन का किलोमीटर रिकॉर्ड करते हैं। यदि सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज माइलेज और ओडोमीटर की रीडिंग में बड़ा अंतर दिखाई दे, तो यह ओडोमीटर फ्रॉड का संकेत हो सकता है।

टायर और मैकेनिकल पार्ट्स की करें जांच

वाहन के टायर, ब्रेक डिस्क, क्लच और अन्य मैकेनिकल पार्ट्स भी कार की वास्तविक स्थिति का अंदाजा देते हैं। यदि ओडोमीटर कम माइलेज दिखा रहा हो लेकिन टायर अत्यधिक घिसे हुए हों, तो मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए। हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि पुराने टायर बदले जा सकते हैं, इसलिए केवल इसी आधार पर निष्कर्ष न निकालें।

ECU स्कैन से सामने आ सकता है असली माइलेज

आज की अधिकांश आधुनिक कारों में Electronic Control Unit (ECU) लगी होती है, जिसमें कई बार वाहन की वास्तविक माइलेज का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। किसी विश्वसनीय सर्विस सेंटर या वर्कशॉप में ECU स्कैन करवाकर असली जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

टेस्ट ड्राइव से समझें कार की वास्तविक हालत

कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव करना बेहद जरूरी है। यदि इंजन की आवाज सामान्य नहीं है, गियर बदलने में दिक्कत आती है या सस्पेंशन से असामान्य आवाजें आती हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि वाहन ओडोमीटर में दिखाई गई दूरी से कहीं अधिक चल चुका है।

दस्तावेजों का मिलान करना न भूलें

इंश्योरेंस पेपर, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), सर्विस बिल और अन्य दस्तावेजों में दर्ज तारीख और किलोमीटर की जानकारी का मिलान करें। अलग-अलग रिकॉर्ड में यदि माइलेज को लेकर असंगति मिले, तो खरीदारी से पहले पूरी जांच जरूर कराएं।

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जल्दबाजी नहीं, समझदारी से करें खरीदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि सेकेंड हैंड कार खरीदते समय थोड़ी अतिरिक्त सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है। यदि वाहन की स्थिति या दस्तावेजों को लेकर किसी भी तरह का संदेह हो, तो सौदा करने से पहले किसी भरोसेमंद मैकेनिक या ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। सही जांच के बाद खरीदी गई पुरानी कार न केवल किफायती साबित होती है, बल्कि लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन भी देती है।

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