
नई दिल्ली: उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर हैं। आज सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस समूह से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 17,000 करोड़ रुपये की बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में की गई है, जिसमें एसबीआई ने अंबानी की कंपनियों के एक खाते को “फ्रॉड” घोषित किया था।
सुबह-सुबह छह ठिकानों पर छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम सुबह करीब 7 बजे दिल्ली और मुंबई में स्थित अनिल अंबानी के छह ठिकानों पर पहुंची। कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई और संबंधित दस्तावेजों व डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगाला गया। जांच एजेंसी का फोकस बैंक से लिए गए लोन के इस्तेमाल और उसके कथित दुरुपयोग पर है।
एसबीआई ने किया था फ्रॉड घोषित
बता दें कि यह मामला जून 2025 में उस समय सामने आया जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की एक कंपनी के खाते को “फ्रॉड” घोषित किया। 13 जून को यह अकाउंट फ्रॉड घोषित किया गया था और 24 जून को इसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को दी गई थी।
ईडी पहले ही कर चुकी है छापेमारी और पूछताछ
CBI से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में बड़ा कदम उठाया था। पिछले महीने ईडी ने दिल्ली और मुंबई में कुल 35 स्थानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक कंपनियों की जांच की गई, जिनमें से कई शेल कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का संदेह जताया गया है।
ईडी की पूछताछ में अनिल अंबानी से कई अहम सवाल पूछे गए थे, जिनमें ये शामिल थे कि क्या बैंक से मिला लोन शेल कंपनियों को ट्रांसफर किया गया? क्या किसी राजनैतिक दल को धनराशि पहुंचाई गई? और क्या किसी सरकारी अधिकारी को रिश्वत दी गई?
CBI has registered a case and is conducting searches in Mumbai at the premises linked to RCOM and its promoter director, Anil Ambani: Sources pic.twitter.com/i32nEhG7Xv
— ANI (@ANI) August 23, 2025
यस बैंक से लोन, फिर संदिग्ध ट्रांजेक्शन
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने रिलायंस ग्रुप की RAAGA कंपनियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का लोन दिया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस लोन के तुरंत पहले और बाद में संदिग्ध लेनदेन हुए, जिनमें यस बैंक के प्रमोटरों की निजी कंपनियों के साथ फंड ट्रांसफर की बात सामने आई है।
CBI और ED की संयुक्त नजर
अब जबकि CBI ने भी इस मामले में मोर्चा संभाल लिया है, यह साफ है कि केंद्र सरकार की दो प्रमुख एजेंसियां अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की वित्तीय गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में और किन खुलासों की संभावना बनती है।
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