
मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने सेबी की पूर्व अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और पांच अन्य अधिकारियों के खिलाफ शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी और विनियामक उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के विशेष अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक की अवधि बढ़ा दी है। उच्च न्यायालय ने पिछले महीने विशेष अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते कहा था कि यह आदेश यंत्रवत पारित किया गया था और इसमें आरोपी की कोई विशेष भूमिका नहीं बताई गई थी। न्यायमूर्ति शिवकुमार डिगे ने कहा कि मामले में मूल शिकायतकर्ता ने हलफनामा दायर किया है और बुच तथा अन्य को इसे पढ़ने के लिए समय दिया है।
न्यायमूर्ति डिगे ने कहा कि पहले दी गई अंतरिम राहत अगले आदेश तक जारी रहेगी। उन्होंने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 7 मई तय की है। पिछले महीने बुच, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के तीन वर्तमान पूर्णकालिक निदेशक अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण जी और कमलेश चंद्र वाष्ण्रेय, ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (बीएसई) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररामन राममूíत और बीएसई के पूर्व अध्यक्ष और जनहित निदेशक प्रमोद अग्रवाल ने विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था। याचिकाओं में विशेष अदालत के उस आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।