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बढ़ते आर्थिक दबाव में क्रेडिट कार्ड लोन बना ‘इमरजेंसी फाइनेंसिंग’ का नया जरिया, लेकिन खतरे भी कम नहीं

Credit card loan

Credit card loan : महंगाई और जीवनशैली में आए बदलाव के कारण देश के शहरी और कस्बाई इलाकों में तेजी से बढ़ती लिक्विडिटी की जरूरत ने क्रेडिट कार्ड लोन को एक लोकप्रिय विकल्प बना दिया है। नौकरीपेशा युवाओं से लेकर मिडिल क्लास परिवारों तक, अब हर वर्ग इस इंस्टेंट लोन ऑप्शन की ओर आकर्षित हो रहा है। बैंकों और फिनटेक कंपनियों की रिपोर्ट बताती है कि 2025 की पहली छमाही में क्रेडिट कार्ड लोन की डिमांड में करीब 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

क्यों बढ़ रही है क्रेडिट कार्ड लोन की मांग?
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पेमेंट और फास्ट ट्रांजैक्शन की आदत ने लोगों को तत्काल कैश की आदत डाली है। इसके साथ ही, क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले प्री-अप्रूव्ड लोन, बिना किसी डॉक्यूमेंटेशन के, मिनटों में खाते में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।

एक फाइनेंशियल एडवाइजर बताते हैं
“महज एक क्लिक में 1 लाख से 5 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध हो जाती है। इसमें कोई वेरिफिकेशन या बैंक विजिट की जरूरत नहीं होती। खासकर इमरजेंसी मेडिकल खर्च या एजुकेशन फीस जैसे मामलों में यह सुविधा बेहद कारगर साबित हो रही है।”

लेकिन क्या हैं इसके खतरे?
जहां एक तरफ क्रेडिट कार्ड लोन की सुविधा आकर्षक लगती है, वहीं इसके हाई इंटरेस्ट रेट लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकते हैं। आमतौर पर यह ब्याज दर 12% से 24% सालाना के बीच होती है, जो परंपरागत पर्सनल लोन की तुलना में काफी ज्यादा है। यदि समय पर रीपेमेंट न हो पाए तो न सिर्फ ब्याज का बोझ बढ़ता है, बल्कि इससे व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है, जो भविष्य में होम लोन या बिजनेस लोन लेने में बाधा बन सकता है।

स्मार्ट लोन मैनेजमेंट के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की मानें तो क्रेडिट कार्ड लोन का इस्तेमाल तभी करें जब:

* आपके पास स्पष्ट रीपेमेंट प्लान हो।

* आप केवल आवश्यक खर्चों के लिए इसका उपयोग कर रहे हों।

* अन्य सस्ते विकल्प जैसे पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, या BNPL (Buy Now Pay Later) पहले जांचे जा चुके हों।

इसके अलावा, ऑटो डेबिट या रिमाइंडर सेट करना, और बजटिंग ऐप्स का उपयोग लोन मैनेजमेंट में मदद कर सकता है।

आंकड़े क्या कहते हैं?

RBI की हालिया रिपोर्ट के अनुसार

* 2024 के अंत तक देश में सक्रिय क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या 12.8 करोड़ पहुंच गई थी।

* 2025 की पहली तिमाही में क्रेडिट कार्ड लोन आउटस्टैंडिंग राशि ₹1.47 लाख करोड़ से ऊपर जा चुकी है।

* टियर 2 और 3 शहरों से आवेदन करने वालों की संख्या में 35% की बढ़ोतरी हुई है।

समाधान या संकट?

क्रेडिट कार्ड लोन तात्कालिक जरूरतों के लिए एक सुलभ और त्वरित उपाय हो सकता है, लेकिन यह तभी फायदेमंद है जब इसे समझदारी और अनुशासन के साथ लिया जाए। यह सुविधा जितनी आसान है, उतना ही जोखिमपूर्ण भी,खासकर उन लोगों के लिए जो वित्तीय योजना बनाए बिना इसे अपनाते हैं। इसलिए आर्थिक स्वतंत्रता पाने की चाह में कहीं वित्तीय जाल में न फंस जाएं। इसके लिए जरूरत है समझदारी से फैसले लेने की।

नोट: यह लेख सूचना और जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी फाइनेंशियल फैसले से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित रहेगा।

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