Decline in Stock Market: मुंबई: वैश्विक बाजारों में कमजोरी और बढ़ते व्यापारिक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई। प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में नकारात्मक रुख अपनाया। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा की गई बिकवाली और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएँ मुख्य कारण हैं, जिनकी वजह से बाजार में गिरावट आई।
बीएसई सेंसेक्स 762.24 अंक की गिरावट के साथ 80,688.77 अंक पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 212.25 अंक नीचे 24,538.45 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल बड़ी कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और बजाज फाइनेंस जैसे प्रमुख स्टॉक्स में तेज गिरावट देखी गई। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स जैसी कंपनियों के शेयरों में थोड़ी बढ़त नजर आई।
वैश्विक बाजारों का नकारात्मक प्रभाव
वैश्विक बाजारों में भी नकारात्मक रुख देखा गया, जिसमें दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, शंघाई एसएसई और हांगकांग का हैंगसेंग प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार ने शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ समापन किया था, जो भारतीय बाजारों में भी प्रभाव डाल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की वृद्धि देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 2.20% की बढ़त के साथ 64.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
विदेशी पूंजी की निकासी
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली की ओर अग्रसर रहे। उन्होंने शुद्ध रूप से 6,449.74 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। इस बिकवाली ने भारतीय बाजारों में दबाव उत्पन्न किया और निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजारों में स्थिति और खराब होती है और एफआईआई की बिकवाली जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजारों में और गिरावट आ सकती है। वहीं, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और जल्दबाजी में निवेश के फैसले से बचें।