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पश्चिम एशिया संकट में DG Shipping का बड़ा फैसला, निर्यातकों को राहत और नाविकों को सुरक्षा सलाह

DG Shipping decision amid West Asia crisis for exporters and seafarers

DG Shipping decision amid West Asia crisis for exporters and seafarers

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है कि युद्ध प्रभावित पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) क्षेत्र में फंसे माल (कार्गो) वाले निर्यातकों को राहत दी जाए और उन्हें जरूरी छूट प्रदान की जाए।

एक सर्कुलर में कहा गया है कि बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली छूट, जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट, रीफर प्लग-इन (कनेक्टेड लोड) और अन्य टर्मिनल चार्ज, सभी मामलों में समान रूप से निर्यातकों तक नहीं पहुंच रही हैं।

डीजी शिपिंग ने निर्देश दिया है कि पोर्ट अथॉरिटी द्वारा दी गई सभी छूट पारदर्शी तरीके से सीधे संबंधित हितधारकों, जिनमें फ्रेट फॉरवर्डर्स और एनवीओसीसी शामिल हैं, को दी जाएं और वे आगे इसे निर्यातकों तक पहुंचाएं।

इसके साथ ही बंदरगाह प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें ताकि छूट का लाभ बिना देरी के सही लोगों तक पहुंचे।

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रेगुलेटर ने पोर्ट और टर्मिनल ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि लागत में पारदर्शिता बनी रहे, निर्यातकों के हित सुरक्षित रहें और संकट के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निर्यातक 497 करोड़ रुपए की रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत दावा कर सकें और लाभ उठा सकें।

डीजी शिपिंग ने कहा, “शिपिंग कंपनियां ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा बनाए रखें। साथ ही, कार्गो पर लगने वाला वॉर रिस्क प्रीमियम भी बदला है, जो पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकता। इस मामले को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।

इसी बीच डीजी शिपिंग ने ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक किनारे पर हैं, वे घर के अंदर रहें, संवेदनशील जगहों से दूर रहें और अपनी आवाजाही के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।

वहीं, जो नाविक जहाज पर हैं, उन्हें जहाज पर ही रहने और बिना जरूरत किनारे पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

सभी कर्मियों से सतर्क रहने, आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और अपनी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।

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