नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग की शीर्ष नीति-निर्धारक इकाई डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने मंगलवार को सैटकॉम स्पैक्ट्रम से संबंधित सिफारिशों पर नियामक ट्राई से कुछ स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। डीसीसी ने ट्राई की सिफारिशों पर विचार करने के लिए मंगलवार को एक बैठक की। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डीसीसी, ट्राई की सिफारिशों से संबंधित कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगेगा। ट्राई ने मई में सिफारिश की थी कि स्टारलिंक जैसी उपग्रह संचार कंपनियों को अपने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का 4 प्रतिशत स्पैक्ट्रम शुल्क के रूप में सरकार को देना चाहिए। यह दर इन कंपनियों की मांग से कहीं अधिक है। ट्राई ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) को अपनी सिफारिशों में कहा कि शहरी क्षेत्रों में उपग्रह-आधारित ब्रॉडबैंड इंटरनैट सेवाएं प्रदान करने वाले परिचालकों को प्रति ग्राहक सालाना 500 रुपए अतिरिक्त देने चाहिए।
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