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स्वदेशी उत्पादों की बढ़ी मांग, दिवाली पर देशभर में 7 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान

Diwali business expected hit Rs 7 lakh crore nationwide Vocal For Local CAT India

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नई दिल्ली: दिवाली और धनतेरस के मौके पर देशभर के बाजारों में इस वर्ष जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली है। कैट यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिवाली से संबंधित व्यापार रिकॉर्ड 1 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुका है, जबकि देशभर में कुल बिक्री 7 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार करने की ओर अग्रसर है।

कैट द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस वर्ष सोना, चांदी और आभूषणों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा घरेलू उपकरणों तक लगभग सभी प्रमुख श्रेणियों में मजबूत मांग दर्ज की गई। मोबाइल फोन, एलईडी टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और एयर कंडीशनर जैसे उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। कपड़ा और फैशन क्षेत्र ने भी शानदार प्रदर्शन किया। साड़ियां, सूट, कुर्ते, रेडीमेड परिधान, बच्चों के कपड़े और पारंपरिक परिधानों की बिक्री में बड़ा उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा मिट्टी के दीये, भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्तियां, पूजा सामग्री, मिठाइयां और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग भी काफी बढ़ी।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी खरीदारों की अच्छी भागीदारी रही। कारों, दोपहिया वाहनों और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। वहीं खादी, हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प वस्तुएं, स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पाद और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार सामानों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

कैट के महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दिवाली से संबंधित कारोबार 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 6 लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि बाजारों में लगातार बढ़ती ग्राहकों की भीड़ और मजबूत खरीदारी रुझान को देखते हुए कुल कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि यह विशाल कारोबार केवल बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दिहाड़ी मजदूरों, सूक्ष्म और कुटीर उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों, कारीगरों, परिवहन व्यवसायियों, पैकेजिंग उद्योग, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं और घरेलू विनिर्माण से जुड़े लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। खंडेलवाल ने कहा कि इस वर्ष के त्योहारी बाजारों में एक बड़ा बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उपभोक्ता अब पहले की तुलना में अधिक संख्या में भारतीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील का प्रभाव उपभोक्ताओं की खरीदारी आदतों में साफ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय कारीगरों, निर्माताओं, लघु उद्योगों और स्थानीय उद्यमियों को उपभोक्ताओं का मजबूत समर्थन मिल रहा है, जिससे घरेलू उत्पादन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। खंडेलवाल ने बताया कि बाजारों में अभूतपूर्व भीड़ ने न केवल व्यापारिक गतिविधियों को नई गति दी है, बल्कि हाल के दिनों में राजनीतिक रैलियों, विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों के कारण हुए कारोबारी नुकसान की भरपाई का अवसर भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि पिछले महीने दिल्ली में लगातार हुए प्रदर्शनों और 1 नवंबर को आयोजित विपक्षी रैली के कारण व्यापार को काफी नुकसान हुआ था, लेकिन त्योहारी खरीदारी ने कारोबारियों को राहत दी है।

उन्होंने कहा कि लाखों व्यापारी, दुकानदार, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, छोटे उद्यमी और दिहाड़ी कामगार इस त्योहारी सीजन की खरीदारी से लाभान्वित हुए हैं। बड़ी संख्या में बाजारों में पहुंचकर दिल्लीवासियों ने यह संदेश दिया है कि वे त्योहारों, आर्थिक गतिविधियों और व्यापार को राजनीतिक व्यवधानों का बंधक नहीं बनने देना चाहते। कैट ने दिल्ली के व्यापारिक समुदाय की ओर से नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष दिवाली के दौरान उपभोक्ताओं ने जिस उत्साह, विश्वास और भागीदारी का परिचय दिया है, उसने देश के व्यापार जगत को नई ऊर्जा प्रदान की है।

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