
मुंबई: भारतीय रुपया सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा। शुरुआती सत्र में यह 20 पैसे की गिरावट के साथ 86.36 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली के माहौल और वैश्विक संकेतों की कमी से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
कारोबार की शुरुआत में रुपया 86.27 के स्तर पर खुला, लेकिन जल्द ही फिसलकर 86.36 प्रति डॉलर तक आ गया। यह पिछले सत्र यानी शुक्रवार को दर्ज 86.16 के बंद भाव की तुलना में 20 पैसे की कमजोरी को दर्शाता है।
-डॉलर सूचकांक में हल्की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की स्थिति में मामूली कमजोरी देखी गई। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.02 प्रतिशत गिरकर 98.46 पर आ गया। इसके बावजूद रुपये पर दबाव बना रहा, जो घरेलू बाजार के रुख को दर्शाता है।

-शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव
घरेलू शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 155.73 अंकों की गिरावट के साथ 81,602.00 पर जबकि एनएसई निफ्टी 63.55 अंक फिसलकर 24,904.85 पर आ गया। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
-कच्चे तेल में मामूली तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा कीमतों में 0.12 प्रतिशत की बढ़त देखी गई और यह 69.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। ऊर्जा कीमतों में यह स्थिरता रुपये पर आंशिक दबाव बना सकती है, विशेष रूप से भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए।
-एफआईआई ने दिखाई खरीदारी में रुचि
बाजार आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 374.74 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। हालांकि, सोमवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते उनकी धारणा में बदलाव आ सकता है।
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