मुंबई: विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया दो पैसे फिसलकर 86.40 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 86.46 पर खुला, लेकिन जल्द ही मामूली सुधार दिखाते हुए 86.40 के स्तर पर स्थिर हो गया। मंगलवार को रुपया 86.38 पर बंद हुआ था, यानी आज की शुरुआत पिछले बंद स्तर की तुलना में थोड़ी कमजोरी के साथ हुई।
डॉलर में मजबूती और ब्रेंट क्रूड में उछाल
अमेरिका और जापान के बीच व्यापार समझौते की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला है। डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक की स्थिति को दर्शाता है, 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.15 पर पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड वायदा 0.29 प्रतिशत चढ़कर 68.79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिससे तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ा है।

शेयर बाजार में बढ़त के संकेत
हालांकि रुपये पर दबाव बना रहा, घरेलू शेयर बाजारों ने सकारात्मक रुख दिखाया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 209.09 अंकों की तेजी के साथ 82,395.90 पर और एनएसई निफ्टी 60.45 अंक चढ़कर 25,121.35 के स्तर पर पहुंच गया।
एफआईआई की बिकवाली बनी चिंता का कारण
शेयर बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,548.92 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। एफआईआई की इस धारणा से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है, जो आगामी कारोबारी सत्रों में इसके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।