मुंबई: भारतीय मुद्रा रुपये ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की बढ़त के साथ 85.80 पर पहुँच गया। यह सुधार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से सकारात्मक संकेतों के कारण देखा गया।
विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, शुरुआती सत्र में रुपया 85.93 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला, जो थोड़ी कमजोरी दर्शाता है, लेकिन बाद में यह मजबूत होकर 85.80 पर पहुँच गया। बुधवार को रुपया 85.92 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
-रुपये की तेजी पर आंशिक दबाव
हालाँकि, डॉलर इंडेक्स में 0.17% की वृद्धि के साथ 98.55 पर पहुँचने से रुपये की तेजी पर आंशिक दबाव बना रहा। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा लगातार बिकवाली और पूंजी निकासी ने घरेलू मुद्रा की गति को सीमित किया। एफआईआई ने बुधवार को कुल 1,858.15 करोड़ रुपये के शेयर बाजार से निकाले।

-ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.36% की गिरावट
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.36% की गिरावट दर्ज की गई और यह 68.46 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश को राहत मिली है।
-घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख
घरेलू शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स 119.05 अंकों की बढ़त के साथ 82,753.53 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 18.70 अंक बढ़कर 25,230.75 पर पहुँच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ स्थिर रहती हैं और व्यापार वार्ताएँ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती हैं, तो रुपये में निकट भविष्य में और मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि डॉलर की वैश्विक स्थिति और विदेशी निवेश की चाल पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा।