मुंबई: विदेशी मुद्रा बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 85.56 पर आ गया। यह मजबूती अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता में मामूली प्रगति और भारतीय निर्यातों पर शुल्क राहत की समय सीमा बढ़ाए जाने के कारण देखने को मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में रुपये ने सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव करते हुए 85.62 पर शुरुआत की और फिर धीरे-धीरे बढ़त बनाते हुए 85.56 के स्तर तक पहुंच गया। यह बुधवार के 85.73 के मुकाबले 17 पैसे की मजबूती को दर्शाता है।
-विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार
बाजार में हालांकि अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन व्यापारिक सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेतों ने रुपये को संबल दिया है। डॉलर सूचकांक में भी गिरावट देखने को मिली, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 0.19 प्रतिशत टूटकर 97.37 पर आ गया। इससे भी रुपये को समर्थन मिला।
इस दौरान घरेलू शेयर बाजारों में हल्की कमजोरी देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 113.57 अंक गिरकर 83,422.51 पर और निफ्टी 37 अंकों की गिरावट के साथ 25,439.10 पर कारोबार करता नजर आया।

-अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़त
कच्चे तेल के दामों में भी थोड़ी नरमी रही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत टूटकर 70.17 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को बाजार में भरोसा दिखाते हुए 77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे निवेश धारणा को बल मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर आगामी दिनों में व्यापार वार्ता में और सकारात्मकता आती है और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो रुपया और अधिक मजबूती की ओर अग्रसर हो सकता है।