नयी दिल्ली: चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विनिर्माण, खान एवं खनन, निर्माण जैसे क्षेत्रों में रही तेजी के बल पर देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर अनुमान से अधिक 7.6 प्रतिशत रही है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 6.2 प्रतिशत रही थी। केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा आज जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार वास्तविक जीडीपी या जीडीपी 2023-24 की दूसरी तिमाही में 41.74 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया जबकि 2022-23 की दूसरी तिमाही में यह 38.78 लाख करोड़ रुपये था जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.6 प्रतिशत अधिक है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में वर्तमान कीमतों पर जीडीपी या सकल घरेलू उत्पाद 71.66 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जबकि 2022-23 की दूसरी तिमाही में यह 65.67 लाख करोड़ रुपये था, जो कि 2022-23 की दूसरी तिमाही की 17.2 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही में जीडीपी 82.11 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 76.22 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.7 प्रतिशत अधिक है।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विनिर्माण गतिविधियों में 13.9 प्रतिशत की तेजी रही है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह शून्य से 3.8 प्रतिशत नीचे रहा था।
इसी तरह से खान एवं खनन गतिविधियों में भी 10 प्रतिशत की दूसरी तिमाही में तेजी रही जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह भी 0.1 प्रतिशत रिणात्मक रहा था। निर्माण गतिविधियों में भी इस वर्ष दूसरी तिमाही में 13.3 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की गयी है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समीक्षाधीन अवधि में यह 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य यूटिलिटि सेवाओं में भी जुलाई सितंबर तिमाही में 10.1 प्रतिशत की तेजी रही है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 6 प्रतिशत की दर से बढ़ा था।
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