Last Updated: September 25, 2026

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मध्य पूर्व तनाव के बावजूद निर्यातकों में भरोसा कायम, वैकल्पिक मार्गों से निर्यात जारी: पीयूष गोयल

April 29, 2026

मध्य पूर्व तनाव के बावजूद निर्यातकों में भरोसा कायम, वैकल्पिक मार्गों से निर्यात जारी: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के बाद भी निर्यातकों का उत्साह बना हुआ है और हॉर्मुज के बंद होने के बाद भी अलग-अलग मार्गों से निर्यात किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने मार्गों का जिक्र नहीं किया।

एक कार्यक्रम के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा,”मध्य पूर्व में युद्ध के बावजूद निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है। अप्रैल के पहले तीन हफ्तों में हमारा निर्यात पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। जैसे-जैसे नए ट्रेड एग्रीमेंट अमल में आ रहे हैं। निर्यातकों के लिए संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।”

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उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) होने से भारतीय निर्यातकों के लिए विश्व के दो-तिहाई बाजार खुल चुके हैं। इससे ऑटो, ऑटो पार्ट्स, मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सीफूड और सर्विस सेक्टर में अवसर बढ़ रहे हैं।

अमेरिका-भारत एफटीए पर गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। पिछले हफ्ते हमारी टीम बातचीत के बाद वहां से लौटी है और चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

फरवरी 2026 में अमेरिका और भारत में एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता हुआ था और दोनों देशों ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए सहमति जताई थी।

इससे पहले गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई नए क्षेत्रों में अपार संभावनाएं खुलेंगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर अब शून्य (जीरो) शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस समझौते के जरिए न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है। इसके अलावा शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा और पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुष से जुड़े क्षेत्रों में भी सहयोग को लेकर अहम करार किए गए हैं।

 

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