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Nirmala Sitharaman ने संसद में रखा वित्त विधेयक 2026

Finance Bill 2026 Nirmala Sitharaman Parliament India

Finance Bill 2026 Nirmala Sitharaman Parliament India

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 को पेश किया है। यह काफी अहम कदम है, क्योंकि इससे केंद्रीय बजट 2026-27 में पेश किए गए प्रस्तावों को कानूनी ढांचा मिलेगा।

वित्त विधेयक पारित होने के बाद, बजट प्रस्तावों के तहत घोषित आयकर दरों, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में परिवर्तन प्रभावी हो जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी लोकसभा में पेश किया, और निचले सदन ने इसे आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की मंजूरी दे दी।

इस विधेयक का उद्देश्य सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) अधिनियम, 2008 और कंपनी अधिनियम, 2013 में संशोधन करना है।

कंपनी अधिनियम निगमन, कॉर्पोरेट प्रशासन, प्रकटीकरण और विघटन को नियंत्रित करता है, जबकि एलएलपी अधिनियम साझेदारों के लिए सीमित देयता के साथ अधिक लचीला ढांचा प्रदान करता है।

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इस दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 दो साल के गहन विचार-विमर्श के बाद अब यहां प्रस्तुत किया गया है। कंपनी विधि समिति (सीएलसी) की सिफारिशों और उसकी रिपोर्टों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया है।

11 सदस्यीय सीएलसी का गठन सितंबर 2019 में किया गया था। इसके सदस्यों में लोकसभा के पूर्व महासचिव टी.के. विश्वनाथन, कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष शार्दुल एस. श्रॉफ, चार्टर्ड अकाउंटेंट जी. रामास्वामी और एक्सप्रो इंडिया के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिरला शामिल थे। सीएलसी ने 21 मार्च 2022 को सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी।

सीएलसी की सिफारिशों पर विभिन्न हितधारकों द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इसमें पूर्व कैबिनेट सचिव और नीति आयोग के सदस्य राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली गैर-वित्तीय नियामक सुधार संबंधी उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी-एनएफआरआर) भी शामिल थी।

बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को सुबह 11 बजे गुरुवार और शुक्रवार को उगादी और ईद की छुट्टियों के बाद पुनः शुरू हुआ। इन छुट्टियों की भरपाई के लिए संसद 28 और 29 मार्च को भी बैठेगी।

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