Gold-Silver Price Today: देश के सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने के बावजूद भारतीय बाजार में सोना सस्ता हुआ है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट तीनों श्रेणियों में कीमतों में कमी देखने को मिली, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिली है।
आज के सोने के भाव
24 कैरेट सोना: ₹1,43,890 प्रति 10 ग्राम (करीब 1.18% की गिरावट)
22 कैरेट सोना: ₹1,31,803 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: ₹1,07,917 प्रति 10 ग्राम
पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में तीनों कैटेगरी में कीमतें नीचे आई हैं, जिससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

प्रमुख शहरों में सोने के दाम
| शहर | 24 कैरेट (10 ग्राम) | 22 कैरेट (10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,43,650 | ₹1,31,680 |
| मुंबई | ₹1,44,090 | ₹1,31,940 |
| कोलकाता | ₹1,44,090 | ₹1,32,000 |
| चेन्नई | ₹1,44,450 | ₹1,32,350 |
| बेंगलुरु | ₹1,44,090 | ₹1,31,940 |
| हैदराबाद | ₹1,44,150 | ₹1,32,000 |
| अहमदाबाद | ₹1,44,090 | ₹1,31,940 |
चांदी भी हुई सस्ती
भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी करीब 3.35% कमजोर होकर ₹2.29 लाख प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। हालांकि वैश्विक बाजार में चांदी में हल्की बढ़त रही और यह लगभग 58.69 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर पर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है स्थिति?
वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोने की कीमत लगभग स्थिर बनी हुई है और यह 4,804.70 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भू-राजनीतिक घटनाओं पर सीमित प्रतिक्रिया दी है, जबकि घरेलू बाजार में कीमतों पर अन्य कारकों का असर दिखाई दे रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। तेल की कीमतें 78 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है।
यदि महंगाई का दबाव बढ़ता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशक सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं से पैसा निकालकर सुरक्षित और ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों, जैसे सरकारी बॉन्ड, की ओर रुख कर सकते हैं। इससे कीमती धातुओं की मांग पर दबाव पड़ने और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना रहती है।
आगे क्या देखें?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और मध्य पूर्व के घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।