नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए लाखों किसानों और छोटे व्यवसायियों को राहत दी है। अब तक जिन ऋणों के लिए गारंटी अनिवार्य मानी जाती थी, उन पर नया संशोधित दिशानिर्देश लागू हो गया है। आरबीआई ने साफ किया है कि यदि कोई उधारकर्ता स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो उसे ज़मानत-मुक्त ऋण की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।
-सोना गिरवी रखने पर मिलेगा जमानत-मुक्त लोन
RBI के नए परिपत्र के अनुसार, कृषि ऋण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण अब ज़मानत-मुक्त माने जाएंगे, भले ही उधारकर्ता अपनी इच्छा से सोने या चांदी के गहने गिरवी रखें। इससे बैंकों को ऐसे लोन देने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी और उधारकर्ता भी आसानी से ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
-किन बैंकों पर लागू होंगे ये नियम?
ये निर्देश सभी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), लघु वित्त बैंक (SFB) और राज्य तथा जिला सहकारी बैंकों पर लागू होंगे। यानी पूरे देश के लगभग सभी बैंक अब इस नई व्यवस्था के तहत गोल्ड लोन दे सकेंगे।
-एमएसई के लिए खास प्रावधान
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमएसई सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण पर किसी प्रकार की संपार्श्विक (गिरवी) की शर्त नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत दिए जाने वाले ऋण भी इसी श्रेणी में आते हैं।

-मूल्य निर्धारण का नया फॉर्मूला
उधारकर्ता द्वारा गिरवी रखे गए सोने या चांदी का मूल्य उसकी शुद्धता (कैरेट) के आधार पर तय किया जाएगा। इसके लिए दो विकल्प दिए गए हैं:
-पिछली 30 दिनों का औसत बंद मूल्य
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) या सेबी द्वारा अनुमोदित एक्सचेंज का अंतिम दिन का बंद मूल्य
-2 लाख तक के ऋण पर मार्जिन और गारंटी माफ
आरबीआई ने बैंकों को यह भी निर्देश दिया है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख रुपये तक के ऋण पर गिरवी और मार्जिन की शर्तें न लगाएं। वहीं, उपयुक्त प्राधिकारी की अनुमति के बाद 25 लाख रुपये तक के लोन बगैर डॉक्युमेंट प्रॉसेस के दिए जा सकते हैं।
-लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
इन संशोधित नियमों का सबसे बड़ा लाभ उन किसानों और लघु उद्यमियों को मिलेगा, जिनके पास औपचारिक गारंटी देने का साधन नहीं है, लेकिन वे अपनी आभूषण संपत्ति गिरवी रखकर कार्यशील पूंजी जुटाना चाहते हैं।