नई दिल्ली: सोने के दामों को लेकर इस हफ्ते भी निवेशकों की नजरें बनी रहेंगी। अमेरिकी आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व के फैसले और सरकार के वित्तीय फैसलों से प्रभावित होकर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि गुरुवार को फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक का ब्यौरा आने के बाद सोने के बाजार में महत्वपूर्ण हलचल हो सकती है।
मुनाफावसूली के बाद फिर हो सकती है खरीदारी
जेपीएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने बताया कि आगामी सप्ताह में बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि निवेशक मुनाफा वसूलने के लिए कुछ बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन इसके बाद सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। मेर के अनुसार, फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल के भाषण पर बाजार की नजर रहेगी, जो आगे की ब्याज दरों की दिशा तय कर सकता है।
डॉलर कमजोर, सोना चमक रहा
पिछले सप्ताह अमेरिकी डॉलर कमजोर रहने और अमेरिकी सरकार के आंशिक बंद होने की वजह से आर्थिक आंकड़ों में देरी के कारण सोने की कीमतों में 3.5 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर की डिलीवरी वाले सोने के भाव में भी 2.8 प्रतिशत की तेजी देखी गई। शुक्रवार को सोना लगभग 1,18,113 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो अब तक के उच्च स्तर के करीब है।
ETF और आयात में बढ़त
अल्फा मनी के प्रबंध साझेदार ज्योति प्रकाश ने बताया कि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में सोने की बढ़ती हिस्सेदारी, केंद्रीय बैंकों की नई खरीदारी की संभावना, और मजबूत सट्टेबाजी के कारण सोने की कीमतों में उछाल आ रहा है। इसके अलावा, त्योहारों और शादी के सीजन के चलते भारत में सितंबर माह में सोना और चांदी के आयात में अगस्त की तुलना में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।
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