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सोने की कीमतों में भारी बदलाव, आखिर क्यों बढ़ रही गोल्ड लोन की डिमांड, पढ़ें…

नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ती सोने की कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाला है, लेकिन इसके साथ ही एक और ट्रेंड तेजी से उभर रहा है गोल्ड लोन की मांग में बूम। अगस्त 2025 में ही करीब 12,000 करोड़ रुपये के गहने गिरवी रखे गए, जो मौजूदा आर्थिक परिस्थिति और लोगों की नकदी जरूरतों का सीधा संकेत है।

बढ़ती कीमतें और बढ़ती डिमांड

सोने के दाम इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। त्योहारी सीजन में जहां एक ओर लोग सोना खरीदने से कतराते दिखे, वहीं दूसरी ओर बहुत से लोग सोना गिरवी रखकर फाइनेंशियल जरूरतें पूरी कर रहे हैं।

RBI द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि बीते 5 महीनों में भारतीयों ने लगभग 97,079 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लिया है। सिर्फ मार्च 2025 से जुलाई 2025 के बीच गोल्ड लोन का कुल आंकड़ा 2.08 लाख करोड़ से बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी मात्र 4 महीनों में ही 85 हजार करोड़ से ज्यादा का इजाफा।

क्यों बढ़ रही है गोल्ड लोन की डिमांड?

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड लोन की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं:

उच्च सोना मूल्य: सोने की कीमतें जितनी ज्यादा होंगी, गिरवी रखे गए सोने पर मिलने वाला लोन भी उतना ही ज्यादा होगा।

सुलभ प्रक्रिया: गोल्ड लोन लेना पर्सनल लोन या बिजनेस लोन की तुलना में कहीं ज्यादा आसान होता है। डॉक्युमेंटेशन कम होता है और अप्रूवल तेजी से होता है।

बैंक और NBFC की प्राथमिकता: गोल्ड लोन में बैंक को बेहतर सुरक्षा मिलती है क्योंकि लोन फिजिकल गोल्ड के बदले होता है, जिससे डिफॉल्ट का जोखिम कम रहता है।

त्योहारी सीजन का असर: इस साल के त्योहारी सीजन में लोगों ने शादी, शिक्षा, और घरेलू खर्चों को पूरा करने के लिए गोल्ड लोन को एक स्मार्ट फाइनेंशियल विकल्प के तौर पर अपनाया।

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85% तक लोन, आसान शर्तों पर

गोल्ड लोन की खास बात यह है कि अधिकतर बैंक और नॉन-बैंकिंग संस्थान सोने की मौजूदा वैल्यू पर 85% तक का लोन प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, इसकी ब्याज दरें भी अन्य लोन के मुकाबले कम होती हैं, जिससे यह विकल्प ज्यादा आकर्षक बन गया है।

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