Gold-Silver: वैश्विक बाजार में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जनवरी की शुरुआत में ही गोल्ड ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बाद से सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में इजाफा देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा है।
भारत में रिकॉर्ड के करीब सोने के दाम
बुधवार, 7 जनवरी को भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना लगभग 36,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की छलांग के साथ 1,40,000 रुपये प्रति 100 ग्राम के अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। कीमतों में इस उछाल ने ज्वेलरी खरीदारों की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन निवेशकों के लिए यह मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड का हाल
साल 2025 के दौरान सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई और साल के अंत तक 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। 7 जनवरी, 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,440 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि हालिया मुनाफावसूली के चलते कीमतें 4,549 डॉलर के अपने उच्चतम स्तर से कुछ नीचे आई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेंड अभी भी बुलिश बना हुआ है।
फिलहाल बाजार की नजरें 4,450 डॉलर के अहम रेजिस्टेंस लेवल पर टिकी हुई हैं।
4,800 डॉलर तक जाने की कितनी है संभावना?
ज्यादातर मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोने की कीमतें 4,500 से 5,000 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बनी रह सकती हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक मॉर्गन स्टेनली ने 2026 की चौथी तिमाही तक सोने के लिए 4,800 डॉलर प्रति औंस का बुलिश टारगेट दिया है। (एक औंस ≈ 31.1 ग्राम)
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव और गहराता है, तो सेफ-हेवन एसेट के रूप में सोने की मांग और बढ़ सकती है। इसके अलावा, कई सेंट्रल बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे कीमतों को लंबी अवधि में सपोर्ट मिल सकता है।
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सप्लाई और लागत भी दे रही हैं सपोर्ट
बैंक ऑफ अमेरिका के एनालिस्ट माइकल विडमर के नेतृत्व वाली टीम का अनुमान है कि 2026 में सोने की औसत कीमत करीब 4,538 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। यह अनुमान वैश्विक स्तर पर घटती सप्लाई और माइनिंग लागत में बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर लगाया गया है।
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चांदी पर भी रहेगा असर
VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल के मुताबिक, अल्पकाल में बढ़ती अनिश्चितता से न सिर्फ सोने बल्कि चांदी की कीमतों को भी सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, लंबे समय तक ग्लोबल ग्रोथ में सुस्ती या ज्यादा अस्थिरता की स्थिति में चांदी पर औद्योगिक मांग का दबाव सोने के मुकाबले ज्यादा देखने को मिल सकता है।
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