Gold-Silver Prices: सप्ताह की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में कमजोरी देखने को मिली है। आज Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के बीच हलचल बढ़ गई है।
सोने में आई नरमी
घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों ने कमजोर शुरुआत की। जून 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर करीब 1600 रुपये तक टूट गया। सुबह के कारोबार में यह लगभग 1.03% की गिरावट के साथ 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता नजर आया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,54,600 रुपये के करीब बंद हुआ था। शुरुआती कारोबार में हल्की रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन बाजार का रुख फिलहाल दबाव में ही बना हुआ है।
चांदी में भारी गिरावट
चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। MCX पर मई 2026 वायदा लगभग 5,000 रुपये से ज्यादा टूट गया, जो करीब 2% की गिरावट दर्शाता है। दिन की शुरुआत में चांदी 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास खुली थी, लेकिन जल्द ही इसमें कमजोरी हावी हो गई।

प्रमुख शहरों में क्या हैं रेट?
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दामों में मामूली अंतर देखने को मिला:
दिल्ली: 24 कैरेट लगभग 1,55,440 रुपये प्रति 10 ग्राम
मुंबई: 24 कैरेट करीब 1,55,290 रुपये
चेन्नई: 24 कैरेट लगभग 1,56,650 रुपये
कोलकाता: 24 कैरेट करीब 1,55,290 रुपये
अहमदाबाद: 24 कैरेट लगभग 1,55,340 रुपये
लखनऊ:24 कैरेट करीब 1,55,440 रुपये
पटना: 24 कैरेट लगभग 1,55,340 रुपये
हैदराबाद: 24 कैरेट करीब 1,55,290 रुपये
वहीं चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी लगभग 2,750 रुपये के आसपास बिक रही है, जबकि चेन्नई में इसका भाव थोड़ा अधिक है।
गिरावट की वजह क्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते सोने-चांदी पर दबाव बना है। इसके अलावा निवेशकों का रुझान फिलहाल अन्य एसेट क्लास की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है।
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निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में आई इस गिरावट को कुछ विशेषज्ञ खरीदारी का मौका भी मान रहे हैं, खासकर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर, सोना और चांदी दोनों ही फिलहाल दबाव में हैं, और आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर इनके दामों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।