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GST काउंसिल की 56वीं बैठक आज से शुरू, जानिए क्या होगा सस्ता और क्या महंगा

नई दिल्ली: आज से नई दिल्ली में दो दिवसीय 56वीं GST काउंसिल की बैठक शुरू हो रही है। इस अहम बैठक की अध्यक्षता देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं। बैठक में आम जनता से जुड़ी वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। खासतौर पर बीमा, ऑटोमोबाइल, FMCG और सीमेंट सेक्टर पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।

बीमा सेक्टर को मिल सकती है राहत

बीमा उद्योग पर मौजूदा समय में 18% GST लागू है, जो पॉलिसीधारकों के लिए एक बड़ा बोझ बनता जा रहा है। काउंसिल की बैठक में इस दर को घटाकर 5% करने पर विचार किया जा सकता है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो यह हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत होगी।

ऑटो सेक्टर को मिल सकती है रफ्तार

भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को रफ्तार देने के लिए सरकार की ओर से GST दरों में कटौती का प्रस्ताव लाया जा सकता है। मौजूदा समय में गाड़ियों पर 28% GST लगाया जाता है, जिसे 18% या 5% करने की संभावना है। इस कदम से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बिक्री में जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है।

रोजमर्रा के सामान होंगे सस्ते?

FMCG सेक्टर से जुड़ी कंपनियों और ग्राहकों के लिए भी अच्छी खबर हो सकती है। ऐसी संभावना है कि नूडल्स, आयुर्वेदिक उत्पाद और पर्सनल केयर आइटम्स जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों पर 12% की जगह 5% GST लगाया जाए। इससे ITC, डाबर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले जैसी कंपनियों के उत्पाद सस्ते हो सकते हैं।

सीमेंट इंडस्ट्री को राहत

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार सीमेंट पर GST दर को मौजूदा 28% से घटाकर 18% करने पर विचार कर रही है। इससे अल्ट्राटेक, अंबुजा, श्री सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों को लाभ होगा और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की लागत भी घट सकती है।

क्या-क्या हो सकता है सस्ता?

36 कैंसर रोधी दवाएं पूरी तरह से टैक्स फ्री हो सकती हैं।

संगमरमर और ग्रेनाइट ब्लॉक, साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट पर GST को 12% से घटाकर 5% किया जा सकता है।

वाहनों के कलपुर्जे, एसी, टीवी, मोटरसाइकिल और लेड-एसिड बैटरियों पर टैक्स 28% से घटाकर 18% हो सकता है।

कपड़े और जूते खरीदना भी सस्ता हो सकता है।

होटल के कमरे, जिनका किराया अभी 12% टैक्स स्लैब में आता है, उन्हें 5% स्लैब में शामिल किया जा सकता है।

क्या है बाजार की उम्मीद?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बैठक से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की पूरी संभावना है। अगर प्रस्तावित टैक्स कटौती लागू होती है, तो महंगाई से जूझ रही आम जनता को राहत मिल सकती है और साथ ही उपभोग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

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