Last Updated: September 21, 2026

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HDFC Bank में लोन की तेज रफ्तार, डिपॉजिट पीछे; 18 अप्रैल को अहम बैठक

April 4, 2026

HDFC Bank में लोन की तेज रफ्तार, डिपॉजिट पीछे; 18 अप्रैल को अहम बैठक

एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को बताया कि मार्च तिमाही में उसके कर्ज (लोन) और जमा (डिपॉजिट) की ग्रोथ के बीच अंतर और बढ़ गया है। लोन की तेज बढ़त के मुकाबले डिपॉजिट की रफ्तार धीमी रही, जिससे बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो ऊंचा बना हुआ है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 31 मार्च तक बैंक के कुल कर्ज (ग्रॉस एडवांस) सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत बढ़कर लगभग 25 लाख करोड़ रुपए हो गए, जो एक साल पहले करीब 21.4 लाख करोड़ रुपए थे।

तिमाही आधार पर लोन ग्रोथ मध्यम रही, जिसमें मुख्य रूप से रिटेल और एसएमई सेगमेंट का योगदान रहा, जबकि कॉरपोरेट लोनिंग सीमित और संतुलित तरीके से जारी रही। इस दौरान रिटेल लोन ने बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया।

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दूसरी ओर, बैंक के कुल जमा राशि यानी डिपॉजिट लगभग 23.5 लाख करोड़ रुपए रहे, जो एक साल पहले करीब 20.5 लाख करोड़ रुपए थे।

हालांकि, डिपॉजिट की ग्रोथ लोन के मुकाबले धीमी रही, जिससे क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो करीब 106-108 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बना रहा।

बैंक को कम लागत वाले डिपॉजिट (सीएएसए) पर भी कुछ दबाव का सामना करना पड़ा। सीएएसए डिपॉजिट की ग्रोथ धीमी रही, जिससे सीएएसए रेशियो घटकर करीब 37-38 प्रतिशत रह गया, जो पिछले तिमाही में 38-39 प्रतिशत था।

यह दर्शाता है कि कड़े लिक्विडिटी माहौल में सस्ते फंड जुटाना अभी भी चुनौती बना हुआ है।

24 मार्च की एक अलग फाइलिंग में बैंक ने बताया कि उसका बोर्ड 18 अप्रैल को बैठक करेगा, जिसमें मार्च तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।

इस बैठक में वित्त वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड पर भी विचार किया जाएगा और इसके लिए रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी।

आगे के लिए विश्लेषकों का मानना है कि बैंक के लिए सबसे अहम होगा डिपॉजिट ग्रोथ को तेज करना, सीएएसए बढ़ाना और मार्जिन को स्थिर बनाए रखना।

इस बीच बैंक कुछ गवर्नेंस से जुड़े मामलों को भी संभाल रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैंक ने मार्च में इस्तीफा देने वाले पूर्व नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की योजना नहीं बनाई है।

इसके बजाय बैंक अपने आंतरिक सिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, खासकर थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स की बिक्री प्रक्रिया में।

बैंक ने 2018-19 में एटी-1 बॉन्ड की गलत बिक्री (मिस-सेलिंग) के मामले में पहले ही कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड किया है और 12 अन्य कर्मचारियों पर जुर्माना लगाया है।

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