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Health Insurance लेने से पहले सावधान! इन कंपनियों पर दर्ज हुईं सबसे ज़्यादा शिकायतें

Health Insurance

नई दिल्ली: हेल्थ इंश्योरेंस कराने वालों के लिए खास खबर समने आई है। आजकल के दौर में बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और महंगे इलाज के दौर में हेल्थ इंश्योरेंस एक अनिवार्यता बन चुकी है। मगर जब बीमा कंपनियाँ समय पर क्लेम न दें या उसे खारिज कर दें, तो यही सुरक्षा कवच आम लोगों के लिए सिरदर्द बन जाता है। हाल ही में बीमा लोकपाल परिषद (Council for Insurance Ombudsman – CIO) की वार्षिक रिपोर्ट ने इस विषय को लेकर बड़ी चिंता जताई है।

किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा शिकायतें?

CIO की 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, बीमा लोकपाल कार्यालयों को हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी भारी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें Star Health and Allied Insurance Co. Ltd. के खिलाफ दर्ज की गईं 13,308 शिकायतें। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह संख्या बाकी चार टॉप कंपनियों की कुल शिकायतों से भी ज्यादा है।

इन शिकायतों में अधिकांश मामले क्लेम आंशिक या पूरी तरह खारिज किए जाने से संबंधित थे। बीमा धारकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने समय पर प्रीमियम तो दिया, लेकिन बीमारी के समय कंपनी ने उन्हें निराश किया।

अन्य कंपनियों की स्थिति भी अच्छी नहीं

स्टार हेल्थ के बाद, Care Health Insurance के खिलाफ 3,718 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि Niva Bupa Health Insurance तीसरे स्थान पर रही, जिसके खिलाफ 2,511 मामले आए। इस सूची में चौंकाने वाली बात यह है कि दो सरकारी बीमा कंपनियाँ National Insurance Company Limited (2,196 शिकायतें) और The New India Assurance Company Limited (1,602 शिकायतें) भी शामिल हैं।

क्या कहती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे आम शिकायतें ये रहीं:

क्लेम का अस्वीकार किया जाना

इलाज के खर्च को आंशिक रूप से ही कवर करना

प्री-अथॉराइजेशन में देरी

पॉलिसी की शर्तों को लेकर अस्पष्टता

क्या करें ग्राहक?

अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो यह जरूरी है कि सिर्फ प्रीमियम की राशि या ऐडवर्टाइजमेंट देखकर फैसला न लें। आपको कंपनी की क्लेम सेटलमेंट हिस्ट्री, ग्राहक रिव्यूज़, और बीमा लोकपाल में दर्ज शिकायतों की संख्या को भी ध्यान में रखना चाहिए।

बचाव के उपाय:

पॉलिसी डॉक्युमेंट को अच्छे से पढ़ें

टर्म्स और कंडीशन्स समझें

IRDAI (बीमा नियामक संस्था) की वेबसाइट से कंपनी का रिकॉर्ड चेक करें

जरूरत हो तो बीमा सलाहकार से राय लें

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