सान फ्रांसिस्को: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मौजूदा सरकार द्वारा प्रदान की गई स्थिरता के कारण भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। अमरीका में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, ‘जब हम कहते हैं कि भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है तो इस तथ्य को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक (वल्र्ड बैंक) भी स्वीकार करते हैं। वे मानते हैं कि अपनी विकास क्षमता के कारण भारत विश्व व्यापार को बढ़ाने वाले एक इंजन के रूप में काम कर सकता है।’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस क्षमता के विकास के साथ हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न अनिश्चितताओं के कारण देखे जा रहे ट्रेंड को बदल सकते हैं। मौजूदा ट्रेंड में ग्रोथ और ट्रेड दोनों ही कम हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर मुद्रास्फीति अधिक है, जिसकी वजह से लोग सोच रहे हैं कि भविष्य में मंदी आने वाली है। उन्होंने कहा, ‘अगर इन मौजूदा परिस्थितियों में भी भारत की क्षमता को पहचाना जा रहा है और इसकी आर्थिक ताकत को स्वीकारा जा रहा है तो इस क्षेत्र में उच्च उपलब्धि प्राप्त करने वाले लोग भारत के साथ व्यक्तिगत या व्यावसायिक रूप से, कॉरपोरेशन टू कॉरपोरेशन की साझेदारी से लाभ पा सकते हैं।’
वित्त मंत्री ने कहा कि संयुक्त राज्य अमरीका और भारत की साझेदारी से दोनों ही देशों को लाभ मिलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय प्रवासियों से अपील की कि वे अधिक रुचि लें और अपने चुने हुए क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी करें। भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के कदमों पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, ‘कोविड-19 महामारी के दौरान, हमारा राजकोषीय घाटा बढ़ गया था, लेकिन 2021 में हम एक स्पष्ट संकेत के साथ आए कि हम अपने राजकोषीय घाटे का प्रबंधन किस तरह करना चाहते हैं। हमने साल-दर-साल लक्ष्य निर्धारित किए और 2026 तक राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का प्राथमिक ध्यान 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है। सीतारमण 5 दिवसीय अमरीकी यात्र पर हैं। सान फ्रांसिस्को पहुंचने पर उनका स्वागत भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्र ने किया। ?
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