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एआई के बढ़ते इस्तेमाल से भारत टेक्नोलॉजी खर्च में वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सकता है: रिपोर्ट

India AI Tech Spending

India AI Tech Spending

भारतीय कंपनियों के टेक्नोलॉजी पर खर्च में 2026 में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, इसमें से 40-45 प्रतिशत एआई और टेक ट्रांसफॉरमेशन से जुड़ा होने की उम्मीद है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आईटी खर्च में वृद्धि वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के लिए अनुमानित 4-6 प्रतिशत वृद्धि से कहीं अधिक रहने की उम्मीद है।

पिछले 12-18 महीनों में खर्च में तेजी आई है और अगले 2-3 वर्षों तक यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है, जो संरचनात्मक रूप से मजबूत निवेश चक्र को दिखाता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय उद्यम अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक क्षमता निर्माण, विशेष रूप से एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण के लिए आवंटित कर रहे हैं। भारत में टेक्नोलॉजी बजट का 50-60 प्रतिशत पूंजीगत व्यय होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 20-30 प्रतिशत है।

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भारतीय कंपनियों के पूंजीगत व्यय का 30 प्रतिशत हिस्सा एआई प्लेटफॉर्म और डेटा आधुनिकीकरण पर खर्च किया गया।

टेक्नोलॉजी खर्च में कोर एप्लिकेशन आधुनिकीकरण (25 प्रतिशत), क्लाउड और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर (25 प्रतिशत) और साइबर सुरक्षा (20 प्रतिशत) प्रमुख है, जो मूलभूत क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2026 के टेक्नोलॉजी बजट का लगभग 40 प्रतिशत परिवर्तनकारी पहलों के लिए आवंटित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें एआई और डेटा-आधारित परिवर्तन लगभग आधे हिस्से के लिए जिम्मेदार होंगे।

अनुमान है कि अगले 12 महीनों में लगभग 60 प्रतिशत सीआईओ उच्च-प्रभाव वाले एआई रोडमैप को प्राथमिकता देंगे।

रिपोर्ट में बताया गया कि लगभग 72 प्रतिशत मुख्य सूचना अधिकारियों ने पुरानी तकनीकी खामियों को परिवर्तन में सबसे बड़ी बाधा बताया, इसके बाद अगली पीढ़ी के क्षेत्रों में कौशल की कमी (57 प्रतिशत) और नई तकनीक से जुड़ी पहलों पर निवेश पर अप्रमाणित प्रतिफल (49 प्रतिशत) का स्थान रहा।

लगभग 90 प्रतिशत बिजनेस लीडर्स ने संकेत दिया कि वर्तमान डेटा आधार और एआई की परिपक्वता पूरे उद्यम में विस्तार के लिए पर्याप्त नहीं है।

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